श्रद्धांजलि समारोह में कर्नाटक के अलीपुर गांव के लोग भी हुए शामिल
दशकों पुराने धार्मिक संबंध बने चर्चा का विषय
तेहरान/चिक्कबल्लापुर। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को उनके पैतृक शहर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कई दिनों तक चले श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। इस दौरान भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कर्नाटक से पहुंचा श्रद्धालुओं का दल
श्रद्धांजलि समारोह की विशेष चर्चा कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के शिया बहुल अलीपुर गांव को लेकर रही। गांव के लगभग 15 लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने ईरान पहुंचे, जबकि अलीपुर मूल के कई धर्मगुरु, चिकित्सक, छात्र और व्यवसायी पहले से ही ईरान में मौजूद थे। ग्रामीणों के अनुसार, उनका खामेनेई और ईरान के धार्मिक नेतृत्व से चार दशक से अधिक पुराना आध्यात्मिक संबंध है।
अलीपुर के लोगों का कहना है कि 1980 के दशक में ईरान की इस्लामी क्रांति के शुरुआती वर्षों के दौरान ईरानी धार्मिक नेतृत्व के गांव से जुड़े संपर्कों के बाद दोनों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध लगातार मजबूत होते गए। इसी कारण खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होना वे अपनी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक मानते हैं।
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