19 वर्षों से सडक़ की मरम्मत नहीं, बारिश में तालाब बनी सडक़ से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
शिवमोग्गा। जिले के सोरब तालुक के कानहल्ली गांव में बदहाल सडक़ के विरोध में ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश से गड्ढों में पानी भर जाने के कारण सडक़ तालाब जैसी बन गई है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने सडक़ के गड्ढों में धान की पौध रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
उलवी होबली के अंतर्गत आने वाली यह सडक़ कानहल्ली, कन्नूर और मैसावी गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग है। लगातार बारिश के कारण सडक़ के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे सडक़ और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो गया है। इसका सबसे अधिक असर रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों पर पड़ रहा है।
2007 के बाद नहीं हुआ डामरीकरण
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण दिनेश ने बताया कि इस सडक़ का अंतिम बार डामरीकरण वर्ष 2007 में हुआ था। इसके बाद न तो सडक़ का नवीनीकरण हुआ और न ही गड्ढों की मरम्मत की गई। उन्होंने तत्काल सडक़ की मरम्मत और पुन: डामरीकरण की मांग की।
ग्रामीण धनंजय ने कहा कि पुरानी सडक़ पूरी तरह उखड़ चुकी है और हर बारिश में बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। उन्होंने स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित
ग्रामीण गगन ने कहा कि सडक़ की बदहाली के कारण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की उदासीनता के चलते पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण स्वयं ही गड्ढे भरने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ की खराब स्थिति की जानकारी कई बार पूर्व मंत्री मधु बंगारप्पा और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन में संपोडी अन्नप्पा, टी. दर्शन, निखिल, शंकरप्पा, निंगराज, राघवेंद्र, के. नवीन, गणेश, गगन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
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