अब घटनास्थल पर ही जुटेंगे वैज्ञानिक साक्ष्यमोबाइल एफएसएल लैब।

दक्षिण कन्नड़ को मिली दो मोबाइल एफएसएल लैब

हत्या, दुष्कर्म, सडक़ हादसों और साइबर अपराधों की जांच होगी तेज

ड्रग टेस्टिंग किट से नशा तस्करी पर भी कसेगा शिकंजा

मेंगलूरु। अपराध स्थलों से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) वाहन उपलब्ध कराए हैं। दक्षिण कन्नड़ जिले को ऐसे दो वाहन मिले हैं। इनमें एक जिला पुलिस और दूसरा मेंगलूरु पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में सेवाएं दे रहा है।

घटनास्थल पर ही होगी प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच

मोबाइल एफएसएल के माध्यम से अब घटनास्थल पर ही रक्त के धब्बे, उंगलियों के निशान, बाल, लार, हथियार और डिजिटल उपकरणों सहित विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित तरीके से एकत्र किए जा सकेंगे। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका कम होगी और जांच की गुणवत्ता बेहतर बनेगी।

एसओसीओ टीम करेगी साक्ष्य संकलन

वाहन में सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स (एसओसीओ) की विशेषज्ञ टीम तैनात रहेगी। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से नियुक्त अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर भौतिक साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से एकत्र करेंगे, उन्हें सुरक्षित पैक कर जांच अधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद अंतिम परीक्षण के लिए नमूनों को एफएसएल भेजा जाएगा।

गंभीर मामलों की जांच को मिलेगी रफ्तार

पुलिस के अनुसार, अब तक साक्ष्यों को एफएसएल तक पहुंचाने में काफी समय लगता था, लेकिन मोबाइल लैब के कारण प्रारंभिक जांच मौके पर ही संभव होगी। हत्या, दुष्कर्म, डकैती, विस्फोट, संदिग्ध मौत, सडक़ दुर्घटना और साइबर अपराध जैसे मामलों की जांच में इससे उल्लेखनीय तेजी आएगी। साथ ही अदालत में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।

नशा मुक्त तटीय कर्नाटक अभियान को देगी मजबूती

मोबाइल एफएसएल में अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग किट भी उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए संदिग्ध व्यक्तियों की मौके पर ही जांच कर हाई-एंड मादक पदार्थों के सेवन का पता लगाया जा सकेगा। पुलिस का मानना है कि यह व्यवस्था नशा मुक्त तटीय कर्नाटक अभियान को भी मजबूती देगी।
डॉ. अरुण के., पुलिस अधीक्षक, दक्षिण कन्नड

प्रारंभिक जांच करने की सुविधा मिलेगी

मोबाइल एफएसएल वाहन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और प्रारंभिक जांच करने की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह वाहन न केवल अपराधों की जांच को गति देगा, बल्कि मादक पदार्थों के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में भी प्रभावी साबित होगा।
सुधीर कुमार रेड्डी, पुलिस आयुक्त, मेंगलूरु

 

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By Bharat Ki Awaz

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