डीसी स्नेहल आर. ने की सराहना
धारवाड़ की महिला स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक कंपनी का किया दौरा
सामुदायिक बीज बैंक, मोटे अनाज प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता की सराहना
हुब्बल्ली। धारवाड़ की जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने देशी बीज संरक्षण, मोटे अनाजों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शिग्गांवी-कुंदगोल क्षेत्र में कार्यरत महिला समूहों की सराहना की। उन्होंने कुंदगोल तालुक के तीर्थ गांव स्थित बीबी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह तथा देवधान्य किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) का दौरा कर उनके कार्यों का अवलोकन किया।
सामुदायिक बीज बैंक का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने महिला समूह द्वारा स्थापित सामुदायिक बीज बैंक का निरीक्षण किया और मोटे अनाज, ज्वार तथा स्थानीय सब्जियों के देशी बीजों के संरक्षण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि देशी बीजों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें अगली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंचाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मोटे अनाज के मूल्य संवर्धन की सराहना
स्नेहल आर. ने मोटे अनाज प्रसंस्करण इकाई का भी निरीक्षण किया, जहां सफाई, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण की पूरी प्रक्रिया देखी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित इस मॉडल को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।
संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार से सम्मानित है समूह
बीबी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बीबीजान हलेमने ने बताया कि सहज समृद्ध संस्था के मार्गदर्शन में महिलाओं ने आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है। वर्ष 2025 में समूह को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित इक्वेटर इनिशिएटिव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
महिला किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार
जिलाधिकारी ने देवधान्य किसान उत्पादक कंपनी में जैविक उत्पादों के संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, मूल्य संवर्धन और विपणन व्यवस्था का भी जायजा लिया।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरणगौड़ा बिरादार ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाली महिला किसान अपनी उपज कंपनी को उपलब्ध करा रही हैं, जिससे उन्हें बेहतर बाजार, उचित मूल्य और स्थायी आय का लाभ मिल रहा है।
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