बारिश की बेरुखी से उड़द-तुअर की फसल सूखीबारिश की बेरुखी से उड़द-तुअर की फसल सूखी

रामदुर्ग में किसानों पर दोहरी मार; 60 प्रतिशत तक उत्पादन घटने का अनुमान

चिप्पलकट्टी (रामदुर्ग)। चार एकड़ में मूंग और तुअर बोई थी। बारिश ने साथ नहीं दिया तो पूरी फसल सूख गई। लगाया हुआ पैसा वापस मिलना तो दूर, खेत में काम करने वाले मजदूरों को देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। यह पीड़ा किसान लक्ष्मण वरगन्नवर ने सूखी फसल के बीच बैठकर व्यक्त की।

लक्ष्मण ने चार एकड़ जमीन में खेती पर 25 हजार रुपए से अधिक खर्च किए थे। लेकिन बारिश की कमी के कारण फसल बर्बाद होने से वे आर्थिक संकट में हैं। उनका कहना है कि इस बार चार एकड़ से एक क्विंटल फसल मिल जाए तो भी बड़ी बात होगी।

खर्च के बराबर भी उपज नहीं

किसान महिला सविता ने बताया कि मूंग की खेती पर किए गए खर्च के मुकाबले एक रुपए के चार आने जितनी भी उपज मिलने की उम्मीद नहीं है। किसानों का कहना है कि यह स्थिति केवल एक-दो परिवारों की नहीं, बल्कि रामदुर्ग तालुक के अधिकांश किसानों की है।

59 हजार हेक्टेयर में बुवाई

रामदुर्ग तालुक में इस खरीफ मौसम में करीब 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। इनमें सबसे अधिक 24 हजार हेक्टेयर में मूंग की खेती की गई है। इसके बाद मक्का, गन्ना, सूरजमुखी, तुअर, उड़द, कुल्थी, मूंगफली और बाजरा प्रमुख फसलें हैं।

इस बार तालुक में सामान्यत: 14.9 सेंटीमीटर बारिश अपेक्षित थी, जबकि 17.6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक है। हालांकि बारिश कुछ ही दिनों में तेज वर्षा के रूप में हुई और लगातार नहीं बरसी। विशेष रूप से फसल की वृद्धि के महत्वपूर्ण चरण में बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी हो गई।

एक पौधे में केवल चार-पांच फलियां

किसानों के अनुसार, सामान्य तौर पर मूंग के एक पौधे में 30 से 40 फलियां आती थीं। इस बार एक पौधे में केवल चार-पांच फलियां लगी हैं और उनमें भी दो-तीन में ही दाना पड़ा है। मक्का भी अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हुआ। तीन-चार फीट बढऩे के बाद ही वह सूखने लगा। पानी की कमी से गन्ने की फसल भी प्रभावित हो रही है और अन्य फसलों की पैदावार घटने की आशंका है।

डीसीसी बैंक के निदेशक मल्लण्णा यादवाड़ ने कहा कि खेतों में दूर से हरियाली दिखाई दे रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी फसल अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ी है। सरकार को तत्काल किसानों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

60 प्रतिशत तक उत्पादन घटा

रामदुर्ग कृषि विभाग के सहायक निदेशक श्रीनाथ चिम्मलगी ने बताया कि लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बढ़ी है। इससे विभिन्न फसलों की लगभग 60 प्रतिशत तक पैदावार प्रभावित हुई है। विशेषकर मूंग के पौधों में केवल चार-पांच फलियां ही विकसित हुई हैं। किसानों को बची हुई फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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