गृहलक्ष्मी, गृहज्योति और एलपीजी के बाद अब राशन कार्डों की जांच
दो माह में प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
बागलकोट। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और लाभार्थियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद अब राशन कार्डधारकों की इ-केवाइसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बागलकोट जिले में 8,59,241 लाभार्थियों की इ-केवाइसी की जानी है। उचित मूल्य की दुकानों पर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विभाग ने इसे तेजी से पूरा करने के प्रयास शुरू किए हैं।
परिवार के सभी सदस्यों की इ-केवाइसी
अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल राशन कार्डधारकों के लिए इ-केवाइसी अनिवार्य की गई है। राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, जाति एवं आय प्रमाणपत्र तथा गैस पासबुक जैसी जानकारी उचित मूल्य की दुकान (राशन की दुकान) पर उपलब्ध करानी होगी।
निर्धारित अवधि में इ-केवाइसी नहीं कराने वाले सदस्यों के नाम अस्थायी रूप से राशन कार्ड से हटाए जाने की जानकारी दी गई है। इससे संबंधित परिवार को मिलने वाले राशन पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार ने अभी अंतिम तिथि घोषित नहीं की है, लेकिन दो माह के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
10 सदस्यों के परिवार को लग रहा एक घंटा
इ-केवाइसी की प्रक्रिया लंबी होने से लाभार्थियों को परेशानी हो रही है। एक परिवार में 10 सदस्य होने पर करीब एक घंटे तक समय लग रहा है। प्रत्येक सदस्य के लिए दो बार ओटीपी, जाति एवं आय प्रमाणपत्र की जानकारी दर्ज करने तथा परिवार को मिलने वाली गैस आपूर्ति की जानकारी प्रत्येक सदस्य के रिकॉर्ड से जोडऩे के कारण प्रक्रिया धीमी हो रही है। इसे सरल बनाने की मांग उठ रही है।
15.46 लाख लाभार्थी
बागलकोट जिले में 750 उचित मूल्य की दुकानें हैं। जिले में कुल 4,87,197 राशन कार्ड हैं। इनमें 44,475 अंत्योदय, 3,67,653 पीएचएच और 75,069 एपीएल कार्ड शामिल हैं। इन कार्डों के तहत 15,46,911 लाभार्थी अन्नभाग्य योजना का लाभ उठा रहे हैं।
इनमें से 5 वर्ष पहले इ-केवाइसी कराने वाले 8,59,241 लाभार्थियों की दोबारा इ-केवाइसी की जानी है।
मुधोल में सबसे अधिक लाभार्थी
तालुकावार देखें तो मुधोल में 1,29,661 लाभार्थी इ-केवाइसी के दायरे में हैं, जबकि गुलेदगुड्ड में सबसे कम 43,745 लाभार्थी हैं। 10 अगस्त तक जिले में केवल 48,444 लाभार्थियों की इ-केवाइसी पूरी हुई है, जबकि 8,10,797 अभी बाकी हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त निदेशक श्रीशैल कंकनवाड़ी ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों को लाभार्थियों की सूची भेज दी गई है। हर पांच वर्ष में इ-केवाइसी अनिवार्य है और यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है।
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