सभी मंजूर हुए तो राज्य में मिलों की संख्या 81 से बढक़र 123 होगी
बेलगावी। राज्य में नई चीनी मिलें स्थापित करने की अनुमति के लिए सरकार के पास कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बेलगावी स्थित चीनी आयुक्त कार्यालय में इन आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है।
इनमें सबसे अधिक 13 आवेदन बेलगावी जिले से आए हैं। इसके अलावा विजयपुर से 8, कलबुर्गी से 6, बागलकोट और धारवाड़ से 4-4 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विजयनगर, गदग, यादगीर, बल्लारी, कोप्पल, रायचूर और हावेरी जिलों से एक-एक आवेदन आया है।
राज्य में वर्तमान में करीब 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है और सालाना लगभग 630 लाख टन गन्ने का उत्पादन होता है। राज्य में 59 निजी, 12 सहकारी, निजी प्रबंधन को लीज पर दी गई 9 सहकारी और एक सरकारी मिल समेत कुल 81 चीनी मिलें हैं। इनमें अकेले बेलगावी जिले में 29 मिलें हैं।
वर्ष 2025-26 में राज्य की चीनी मिलों ने 576 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई कर करीब 49 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन किया। यदि सभी 42 आवेदनों को मंजूरी मिल जाती है तो राज्य में चीनी मिलों की संख्या बढक़र 123 हो जाएगी।
चीनी आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा चीनी मिल से 15 किलोमीटर के दायरे में नई मिल स्थापित करने की अनुमति नहीं है। मिल स्थापना के लिए निर्धारित मानदंड हैं। सभी मानकों की जांच के बाद सरकार अनुमति देगी। परियोजना को लागू कर मिल को चालू करने में करीब 5 से 7 वर्ष लग सकते हैं।
“मिलों की संख्या बढऩे से किसानों को गन्ने का प्रतिस्पर्धी भाव मिल सकता है। हालांकि, मिलों को कीमत के मामले में किसानों के साथ धोखा नहीं करना चाहिए।”
–कुरुबूर शांतकुमार, अध्यक्ष, राज्य गन्ना उत्पादक संघ
“नई मिलों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लेकिन पर्यावरण प्रदूषण सहित अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।”
–चूनप्पा पूजेरी, किसान नेता
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