दक्षिण कन्नड़ में 3,477 मृत लाभार्थी चिन्हित
951 खातों से 95.32 लाख रुपए सरकार को लौटाए
मेंगलूरु। दक्षिण कन्नड़ जिले में गृहलक्ष्मी योजना की राशि मृत लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होने का मामला सामने आने के बाद सरकार ने राशि वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिले में अब तक 3,477 मृत लाभार्थियों की पहचान की गई है। जांच में सामने आया कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके बैंक खातों में गृहलक्ष्मी योजना के तहत कुल 3.34 करोड़ रुपए जमा हुए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, जिले में गृहलक्ष्मी योजना के कुल 11,184 लाभार्थियों की मृत्यु होने की जानकारी मिली है। इसके बाद विभाग ने क्षेत्र स्तर पर जांच कर यह पता लगाने का काम शुरू किया कि किन मृत लाभार्थियों के खातों में मृत्यु के बाद भी योजना की राशि जमा होती रही।
951 खातों से राशि वापस
अब तक 951 बैंक खातों से कुल 95.32 लाख रुपए सरकार के खाते में वापस कराए जा चुके हैं। इसके अलावा 51.50 लाख रुपए की राशि बैंक खातों में फ्रीज कर दी गई है, ताकि उसे निकाला न जा सके। हालांकि, कुल वसूली लक्ष्य के मुकाबले अब तक 28.47 प्रतिशत ही प्रगति हुई है।
विभाग ने मृत लाभार्थियों के खातों में जमा राशि के संबंध में बैंक स्तर से भी विस्तृत जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। यह भी जांच की जा रही है कि मृत्यु के बाद खातों में जमा राशि को परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों ने निकाला है या नहीं।
मृत्यु की जानकारी दर्ज नहीं होना बड़ी वजह
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने में लापरवाही और इ-जन्म पोर्टल पर मृत्यु की जानकारी समय पर दर्ज नहीं होना इस समस्या की प्रमुख वजहों में शामिल है। जब सरकारी अभिलेखों में लाभार्थी की मृत्यु दर्ज नहीं होती, तो योजना की राशि उसके खाते में आगे भी जमा होती रह सकती है।
राज्यभर में इस तरह के मामले सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने जमीनी स्तर पर मृतकों की जानकारी जुटाकर उसे गृहलक्ष्मी पोर्टल में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की होगी अहम भूमिका
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के उपनिदेशक श्रीधर ने बताया कि गांवों में होने वाली मौतों की जानकारी अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से तत्काल जुटाई जाएगी। इसके बाद संबंधित जानकारी गृहलक्ष्मी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, ताकि मृत व्यक्तियों के नाम पर योजना की राशि आगे जमा न हो और सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके। विभाग जिला अग्रणी बैंक तथा गारंटी योजनाओं की क्रियान्वयन समिति के सहयोग से शेष राशि की वसूली और पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रहा है।
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