पूर्व मंत्री पर तीखा हमला
कांग्रेस में दम है तो बल्लारी के 10 विधायक और सांसद इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें
बल्लारी। पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी ने पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वाल्मीकि समाज के धन के दुरुपयोग और चंद्रशेखर की मौत के कर्म के कारण आज वे आंसू बहा रहे हैं। नागेंद्र ने अपने कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए भावनात्मक नाटक किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम घोटाले में नागेंद्र की भूमिका स्पष्ट है और कांग्रेस ने ही उन्हें मंत्री पद से हटाया।
शहर में पत्रकारों से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि नागेंद्र मंत्री बनने के तुरंत बाद 187 करोड़ रुपए की लूट करने के बाद अब अहंकारपूर्ण बातें कर रहे हैं। उन्होंने नागेंद्र को ‘मूर्ख और अहंकारी’ तक कह दिया।
रेड्डी ने कहा कि राज्यसभा सदस्य नासिर हुसैन के साथ बैठकर मनुस्मृति और भाजपा के खिलाफ बोलने वाले नागेंद्र को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनका राजनीतिक जन्म भाजपा में हुआ और वे पहले जनार्दन रेड्डी के समर्थन से विधायक बने थे। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के बारे में बोलने का नैतिक अधिकार नागेंद्र को नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के धन के दुरुपयोग के मामले में नागेंद्र की भूमिका से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। उनके अनुसार, जांच में 24 लोगों के शामिल होने और करीब 800 खातों में धन हस्तांतरित किए जाने की बात सामने आई है। रेड्डी ने दावा किया कि कुछ लोगों के खातों में 6.50 करोड़ रुपए स्थानांतरित किए गए तथा नकदी और आभूषण भी भेजे गए। रेड्डी ने कहा कि इन आरोपों से बचने के लिए नागेंद्र जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
नागेंद्र के इस बयान पर कि उन्हें कुछ हुआ तो एक लाख नागेंद्र पैदा होंगे, रेड्डी ने चुनौती दी कि वे सार्वजनिक स्थान पर खड़े होकर अपनी ताकत दिखाएं।
रेड्डी ने सवाल किया कि यदि नागेंद्र ने कोई गलती नहीं की थी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने उनसे मंत्री पद से इस्तीफा क्यों लिया? उन्होंने कहा कि नागेंद्र को मंत्री बनाने में सिद्धरामय्या और डी.के. शिवकुमार की भूमिका नहीं थी, बल्कि पार्टी आलाकमान के निर्णय से उन्हें मंत्री बनाया गया था।
उन्होंने नागेंद्र द्वारा बी. श्रीरामुलु को ‘रिजेक्टेड पीस’ कहे जाने पर पलटवार करते हुए पूछा कि यदि चुनाव हारने वाला नेता ‘रिजेक्टेड’ है तो मल्लिकार्जुन खरगे के कलबुर्गी से चुनाव हारने पर उन्हें भी क्या यही कहा जाएगा?
जनार्दन रेड्डी ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसमें ताकत और स्वाभिमान है तो अखंड बल्लारी जिले के 10 विधायक और सांसद पद से इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतरें। भाजपा सभी 10 सीटों पर चुनाव लडक़र अपनी ताकत साबित करेगी।
उन्होंने कहा कि नागेंद्र के इस्तीफे के बावजूद उत्तर कर्नाटक की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा और प्रदेश अध्यक्ष तथा विपक्ष के नेता के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम घोटाले के धन से ई. तुकाराम सांसद बने हैं। उन्होंने कांग्रेस से पहले तुकाराम का इस्तीफा लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनमें स्वाभिमान है तो उन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।
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