लक्ष्मेश्वर में 3,200 लाभार्थियों की पेंशन रुकी
तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर
गदग। जिस सरकारी व्यवस्था से बुजुर्गों को जीवन के अंतिम पड़ाव में सहारा मिलने की उम्मीद थी, वही अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है। गदग जिले के लक्ष्मेश्वर तालुक में पिछले पांच माह से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने से हजारों बुजुर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों से उपेक्षित और काम करने में असमर्थ कई बुजुर्ग भोजन तथा दवाइयों तक के लिए परेशान हैं।
हर दिन तहसील कार्यालय के चक्कर
पेंशन मिलने की उम्मीद में बुजुर्ग गांवों से तहसीलदार कार्यालय पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी कभी अगले दिन तो कभी उसके बाद भुगतान होने का आश्वासन देते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। कई बुजुर्गों के लिए सरकार की पेंशन ही आय का एकमात्र सहारा है।
3,200 पेंशन पर लगी रोक
लक्ष्मेश्वर तालुक में करीब 7,400 बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी थे। इनमें से लगभग 3,200 लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि आय संबंधी जांच के कारण राज्य स्तर पर पेंशन रोकी गई है। हालांकि, ऐसे बुजुर्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिनके पास न घर है, न जमीन और न ही आय का कोई अन्य स्रोत।
तकनीकी कारणों का हवाला
अधिकारियों के अनुसार आय सत्यापन और तकनीकी कारणों से करीब 3,200 लाभार्थियों की पेंशन रुकी है। पात्र लाभार्थियों की स्थिति की जांच कर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि पात्र बुजुर्गों की लंबित पेंशन तत्काल जारी कर उन्हें राहत दी जाए।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

