39 मार्गों पर तय होगी पर्यटकों की संख्या
जीपीएस निगरानी और प्रशिक्षित गाइड होंगे तैनात
हुब्बल्ली। पश्चिमी घाट सहित कर्नाटक के वन क्षेत्रों में बढ़ते ट्रेकिंग हादसों और वन्यजीवों के हमलों को देखते हुए वन विभाग सतर्क हो गया है। ट्रेकिंग करने वालों की सुरक्षा और मार्गों की निगरानी के लिए विभाग नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने की तैयारी कर रहा है।
लगातार हादसों से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में हुए हादसों ने ट्रेकिंग मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। मले महादेश्वर पहाडिय़ों में तेंदुए के हमले में 10 वर्षीय बालक की मौत हुई थी। वहीं, बंडाजे जलप्रपात मार्ग पर ट्रेकिंग के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। तडियंडमोल में केरल की एक महिला रास्ता भटककर लापता हो गई थी, जिसे वनकर्मियों ने अभियान चलाकर सुरक्षित बचाया।
39 नियमित मार्गों पर सीमा
राज्य में कुल 39 नियमित वन ट्रेकिंग मार्ग चिन्हित किए गए हैं। पर्यटकों की अत्यधिक भीड़ और प्रकृति पर बढ़ते दबाव को रोकने के लिए अब प्रत्येक मार्ग की धारण क्षमता के आधार पर ट्रेकिंग करने वालों की संख्या सीमित की जाएगी।
जीपीएस से होगी निगरानी
ट्रेकिंग करने वालों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर आधिकारिक प्रकृति मार्गदर्शक बनाया जाएगा। रास्तों पर स्पष्ट संकेतक और आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आपात स्थिति में तत्काल बचाव के लिए प्रशिक्षित दल भी तैयार रखे जाएंगे।
वन्यजीवों की अधिक आवाजाही वाले संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कुद्रेमुख सहित सुरक्षित मार्गों को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की योजना है। नियम तोडऩे वाले ट्रेकर्स और अनधिकृत गाइडों को काली सूची में डाला जाएगा।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z
