"अन्नदाता के आंसू नहीं थमे: दो वर्षों में 1,185 किसान आत्महत्या"अन्नदाता के आंसू नहीं थमे: दो वर्षों में 1,185 किसान आत्महत्या

2025-26 में 1,081 मामले; इनमें 885 पात्र माने गए

चालू वित्त वर्ष में अब तक 104 मामले सामने आए

“सरकारी योजनाओं और राहत के दावों के बीच बेलगावी, हावेरी व कलबुर्गी सबसे ज्यादा प्रभावित”

हुब्बल्ली। खेतों में अन्न उगाने वाले किसानों की जिंदगी पर संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और आत्महत्या रोकने के लिए कई योजनाएं संचालित किए जाने के बावजूद कर्नाटक में किसान आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में 1,081 किसान आत्महत्या के मामले दर्ज हुए, जबकि 2026-27 में अब तक 104 मामले सामने आए हैं। इस तरह दोनों वित्तीय वर्षों में दर्ज मामलों की संख्या 1,185 हो गई है।

2025-26 के 1,081 मामलों में से 186 मामलों को जांच के बाद अपात्र मानते हुए खारिज किया गया, जबकि 885 मामलों को पात्र माना गया। वहीं 2026-27 में दर्ज 104 मामलों में छह मामले खारिज किए गए हैं।

बेलगावी, हावेरी और कलबुर्गी में ज्यादा मामले

किसान आत्महत्याओं के मामले में बेलगावी 104 मामलों के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद हावेरी और कलबुर्गी में 97-97, मैसूरु में 81, धारवाड़ में 71, बीदर में 60, हासन में 58 और मंड्या में 52 मामले दर्ज हुए हैं। दक्षिण कन्नड़ में दो, उडुपी में एक और बेंगलूरु ग्रामीण में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

फसल का उचित मूल्य देने की कोशिश

सरकार का कहना है कि कृषि उपज के दाम गिरने की स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए आवर्तन निधि का इस्तेमाल किया जाता है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वाणिज्यिक बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से अल्पकालीन ऋण लेने वाले किसानों के लिए ब्याज में राहत भी दी जा रही है।

बीज से सिंचाई तक सहायता

किसानों को प्रमाणित बीज सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों के लिए 75 प्रतिशत रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मशीनरी पर सामान्य किसानों को 50 प्रतिशत और एससी-एसटी किसानों को 90 प्रतिशत तक सहायता दी जा रही है।

45 पीटीओ हॉर्सपावर तक के ट्रैक्टरों पर भी निर्धारित सीमा तक अनुदान दिया जा रहा है। कृषि प्रसंस्करण इकाइयों, तिरपाल और छोटे यंत्रचालित तेलघानी संयंत्रों के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है।

सूक्ष्म सिंचाई पर 90 प्रतिशत तक अनुदान

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु किसानों को 55 प्रतिशत और अन्य किसानों को 45 प्रतिशत सहायता का प्रावधान है। राज्य सरकार अपने हिस्से की अतिरिक्त सहायता जोडक़र किसानों को सूक्ष्म सिंचाई इकाइयों की स्थापना के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है।

समर्थन मूल्य से राहत की उम्मीद

केंद्र सरकार हर वर्ष खरीफ और रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है। बाजार में कीमत समर्थन मूल्य से नीचे जाने पर निर्धारित व्यवस्था के तहत किसानों से उपज की खरीद की जाती है। आवश्यकता पडऩे पर राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।

एक नजर में

जिला — किसान आत्महत्या मामले

बेलगावी — 104
हावेरी — 97
कलबुर्गी — 97
मैसूरु — 81
धारवाड़ — 71
बीदर — 60
हासन — 58
मंड्या — 52
शिवमोग्गा — 51
विजयपुर — 51
दावणगेरे — 44
बागलकोट — 41
गदग — 40
चिक्कमगलूरु — 47

2025-26 कुल — 1,081
2026-27 में अब तक — 104
दोनों अवधियों का कुल — 1,185

 

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By Bharat Ki Awaz

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