‘सिर्फ प्रज्वल की सेल पर नहीं, पूरी जेल में हुई छापेमारी’पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री प्रियांक खरगे।

प्रियांक खरगे का पलटवार—‘क्या मैं केवल परप्पन अग्रहार का ही गृह मंत्री हूं?’; परिवार की जिम्मेदारी पर भी उठाए सवाल

कलबुर्गी। परप्पन अग्रहार केंद्रीय कारागार में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल फोन मिलने के मामले को लेकर ग्रामीण विकास एवं गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और मीडिया पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को अनावश्यक रूप से केवल प्रज्वल रेवन्ना के इर्द-गिर्द केंद्रित किया जा रहा है।

पूरी जेल में हुई छापेमारी

कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा कि छापेमारी केवल प्रज्वल रेवन्ना की सेल तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे परप्पन अग्रहार जेल परिसर में कार्रवाई की गई। प्रज्वल के अलावा अन्य कई कैदियों के पास से भी मोबाइल फोन और संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुई हैं। इसके बावजूद मीडिया में केवल प्रज्वल रेवन्ना के मामले को प्रमुखता दी जा रही है। क्या मैं केवल परप्पन अग्रहार का ही गृह मंत्री हूं? क्या मैं सिर्फ एक सेल का मंत्री हूं?

खरगे ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था और जेलों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। परप्पन अग्रहार के अलावा कलबुर्गी, मंड्या, बेलगावी समेत राज्य की विभिन्न जेलों में भी औचक छापेमारी की गई है।

औचक छापेमारी नियमित प्रक्रिया

गृह मंत्री ने कहा कि जेल में अवैध गतिविधियों या मादक पदार्थों के इस्तेमाल की विश्वसनीय सूचना मिलने पर कानून के अनुसार औचक छापेमारी करना नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि जेलों में ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी तो सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

परिवार को समझाना चाहिए था

प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन होने और जेल से परिवार के सदस्यों के संपर्क में रहने के आरोपों पर खरगे ने कहा कि जेल में मोबाइल रखना कानूनन अपराध है। परिवार को भी इस तरह की गतिविधि पर रोक लगाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी।

उन्होंने परोक्ष रूप से कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि रेवन्ना परिवार सामान्य परिवार नहीं है, बल्कि राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार है। यदि परिवार को पता था कि ऐसी गतिविधि हो रही है तो उसे उन्हें समझाना चाहिए था। जिम्मेदार नेताओं को सरकार को पत्र लिखकर मामले की जानकारी देने और जांच की मांग करनी चाहिए थी। ऐसा किया जाता तो इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण माना जाता।

 

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By Bharat Ki Awaz

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