कुवेंपु विश्वविद्यालय में अंकपत्र में कथित हेराफेरी
एक विषय के लिए 10 हजार रुपए के लेन-देन का आरोप
शिवमोग्गा। कुवेंपु विश्वविद्यालय के मूल्यांकन विभाग के अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर और ओटीपी का कथित दुरुपयोग कर अंकपत्र में बदलाव करने का गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की यूयूसीएमएस प्रणाली में कार्यरत अनुषा के कथित रूप से डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर पांचवें सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण छात्र को उत्तीर्ण कराने का मामला सामने आया है।
एक विषय के 10 हजार रुपए का आरोप
शिकायत के अनुसार, अंक बदलने के लिए प्रति विषय 10 हजार रुपए की मांग की गई थी। पांच विषयों के अंक बदलने के लिए कुल 50 हजार रुपए का लेन-देन किए जाने का आरोप है। इस मामले में शिवमोग्गा के पीईएस कॉलेज के बीएससी छात्र वर्षित एन. के अंकपत्र में कथित रूप से बदलाव कर उसे पास किया गया।
पुनर्मूल्यांकन के बिना परिणाम बदला
वर्षित नवंबर-दिसंबर 2025 की परीक्षा में रियल एनालिसिस-2 एंड कॉम्प्लेक्स एनालिसिस तथा एडवांस्ड अल्जेब्रा एंड वेक्टर कैलकुलस विषयों में अनुत्तीर्ण हुआ था। उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन भी नहीं किया था। इसके बावजूद 22 जून 2026 को यूयूसीएमएस पोर्टल पर उसका परिणाम पास दिखा।
मूल्यांकन विभाग के प्रो. आर. तिम्मरायप्पा ने भद्रावती ग्रामीण थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर अनुषा को पहला और वर्षित एन. को दूसरा आरोपी बनाते हुए बीएनएस/बीएनएसएस की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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