एमबी पाटील का पलटवार
मुख्यमंत्री रहें या न रहें, नेतृत्व और सम्मान में कोई बदलाव नहीं
36 विधायकों के हस्ताक्षर जुटाने के दावे को बताया झूठ
विजयपुर। मंत्री एम.बी. पाटील ने विजयपुर शहर के विधायक बसनगौड़ा पाटील यत्नाल पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें बेतुकी और आधारहीन बयानबाजी बंद करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिद्धरामय्या मुख्यमंत्री पद पर रहें या न रहें, वे हमारे नेता थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
‘36 विधायकों के हस्ताक्षर जुटाने का दावा झूठ’
पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने यत्नाल के उस बयान को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सिद्धरामय्या को मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखने का विरोध करते हुए एम.बी. पाटील, जमीर अहमद खान और सतीश जारकीहोली ने 36 विधायकों के हस्ताक्षर जुटाए थे।
पाटील ने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बदलने के लिए विधायकों के हस्ताक्षर जुटाने की कोई परंपरा नहीं है। मुख्यमंत्री पद पर कौन रहेगा, यह कांग्रेस आलाकमान का विषय है। इस मामले में अनावश्यक भ्रम पैदा करने की जरूरत नहीं है। सिद्धरामय्या हमारे नेता हैं। मल्लिकार्जुन खरगे हमारे सर्वोच्च नेता हैं। कल भी, आज भी और आगे भी हमारे नेता यही रहेंगे।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने स्वयं सिद्धरामय्या को बुलाकर बातचीत की है और उनसे चुनावी राजनीति से पीछे नहीं हटने की अपेक्षा भी व्यक्त की है। ऐसे समय में यत्नाल की बयानबाजी से पार्टी में भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।
‘सिद्धरामय्या-जारकीहोली में कोई स्थायी मतभेद नहीं’
पाटील ने कहा कि सिद्धरामय्या और सतीश जारकीहोली के बीच कोई स्थायी मतभेद नहीं हैं। राजनीति में छोटे-मोटे मतभेद और नाराजगी स्वाभाविक हैं। दावणगेरे उपचुनाव को लेकर जमीर अहमद खान और सिद्धरामय्या के बीच मतभेद सामने आए थे, लेकिन इसे स्थायी विवाद के रूप में पेश करना गलत है।
‘सिद्धेश्वर स्वामी की प्रशंसा मेरे लिए नोबेल से बड़ी’
यत्नाल के पुराने आरोपों पर पाटील ने कहा कि उन्हें किसी से प्रशंसा करवाने की जरूरत नहीं है। सिद्धेश्वर स्वामी ने उनके बारे में जो प्रशंसा की थी, वह उनके लिए नोबेल पुरस्कार से भी बड़ी है।
पाटील ने यत्नाल को उनका राजनीतिक अतीत याद दिलाते हुए कहा कि जब वे भाजपा छोडक़र बाहर आए थे, तब कई लोगों ने उनका समर्थन किया था। विधान परिषद चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को हराने के लिए उन्होंने भी दूसरी वरीयता का वोट देकर यत्नाल की जीत में सहयोग किया था। इसके बावजूद आज उन्हीं लोगों के खिलाफ आरोप लगाना उचित नहीं है।
‘मैं अपने नेताओं का सम्मान करता हूं’
पाटील ने कहा कि बी.एस. येडियूरप्पा की मदद से यत्नाल भाजपा में वापस लौटे थे। उस समय जगदीश शेट्टर और प्रल्हाद जोशी समेत कई नेताओं ने उनके भाजपा में लौटने का विरोध किया था, लेकिन येडियूरप्पा ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। बाद में यत्नाल ने उन्हीं येडियूरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
उन्होंने कहा कि मैं इस तरह की राजनीति नहीं करता। मैं अपने पार्टी नेताओं का सम्मान करता हूं। सिद्धरामय्या और मल्लिकार्जुन खरगे मेरे नेता हैं। यह निष्ठा कल, आज और कल भी कायम रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यत्नाल आधारहीन आरोप और दुष्प्रचार बंद करें, अन्यथा उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
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