गणेशोत्सव में दिखी गंगा-जमुनी तहजीबइलकल में गणपति प्रतिमा को शोभायात्रा के जरिए लेजाते युवा।

घर-घर विराजे विघ्नहर्ता, हिंदू-मुस्लिम एकजुटता ने पेश की भाईचारे की मिसाल

इलकल (बागलकोट)। गणेश चतुर्थी के अवसर पर इलकल शहर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। घरों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर विघ्नहर्ता भगवान गणपति की प्रतिमाएं श्रद्धा और उल्लास के साथ स्थापित की गईं। सुबह शुभ मुहूर्त में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणपति प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के साथ प्रतिमाओं की स्थापना की गई।

भजन-कीर्तन के साथ गणपति का आगमन

कई परिवारों ने आकर्षक साज-सज्जा के साथ गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की। माहेश्वरी युवा संगठन के सदस्यों ने भी गणपति प्रतिमा को ट्रैक्टर में विराजमान कर भजन-कीर्तन करते हुए श्रीराम मंदिर पहुंचाया, जहां विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की गई।

शहर के गवळीयर गुड़ी क्षेत्र में भी गणपति प्रतिमा की स्थापना के बाद श्रद्धालुओं के लिए अन्न प्रसाद का वितरण किया गया। नगरसभा की पूर्व पार्षद रेशमा मारबसरी ने कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

पांच दिन चलेगा उत्सव

उत्सव समिति के अध्यक्ष शुभम करवा एवं सचिव गोविंद करवा ने बताया कि गणपति उत्सव पांच दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इलकल में गणपति प्रतिमा को शोभायात्रा के जरिए लेजाते युवा।
गणेशोत्सव पर प्रसादी वितरित करती मुस्लिम युवती।

इलकल में हिंदू-मुस्लिम समुदाय की मिल-जुलकर त्योहार मनाने की परंपरा इस बार भी देखने को मिली। गणेशोत्सव के दौरान दोनों समुदायों की सहभागिता ने आपसी सौहार्द, समन्वय और भाईचारे की भावना को मजबूत किया।

 

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By Bharat Ki Awaz

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