दावणगेरे समेत कई डिपो में ईंधन की किल्लत से परिचालन प्रभावित
तेल कंपनियों का करीब 170 करोड़ रुपए बकाया होने की चर्चा
दावणगेरे। कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस सेवाओं पर डीजल संकट का असर दिखने लगा है। दावणगेरे समेत राज्य के कई डिपो में निर्धारित मात्रा में ईंधन नहीं मिलने से बसों के परिचालन में बाधा आ रही है। दावणगेरे से बेंगलूरु जाने वाली कुछ बसें मंगलवार और बुधवार शाम को डिपो से रवाना नहीं हो सकीं। कई मार्गों पर बसों के फेरे घटाए जाने से यात्रियों को परेशानी हुई और उन्हें निजी बसों का सहारा लेना पड़ा।
राज्य के करीब 350 बस डिपो तक डीजल की कमी का असर पहुंचने की बात सामने आई है। कल्याण कर्नाटक परिवहन निगम के कुछ मार्गों पर भी अस्थायी रूप से बस सेवाएं रद्द किए जाने की जानकारी है।
तेल कंपनियों का 170 करोड़ रुपए बकाया
सूत्रों के अनुसार, केएसआरटीसी पर तेल कंपनियों का करीब 170 करोड़ रुपए बकाया है। शक्ति योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के बदले राज्य सरकार से निगम को मिलने वाली राशि का भुगतान भी लंबित बताया जा रहा है। भुगतान में देरी के कारण डीजल आपूर्ति प्रभावित होने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। उपमुख्यमंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने डीजल की समस्या जल्द दूर करने का भरोसा दिया है।
दावणगेरे डिवीजन को रोज चाहिए 30 हजार लीटर से अधिक डीजल
दावणगेरे डिवीजन के चार डिपो को प्रतिदिन औसतन 30 हजार लीटर से अधिक डीजल की जरूरत होती है। इनमें दावणगेरे डिपो-1 को 14 हजार, डिपो-2 को 6 हजार, चन्नगिरी को 4 हजार और हरिहर डिपो को 8 हजार लीटर डीजल चाहिए। पिछले तीन दिनों से पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण कम यात्री संख्या वाले मार्गों पर बसों के फेरे घटाए गए हैं। खासकर स्कूल-कॉलेज आने-जाने के व्यस्त समय के अलावा सेवाओं में कटौती की गई है।
बुधवार को मिला डीजल, गुरुवार दोपहर तक खत्म
दावणगेरे डिपो-1 में डीजल खत्म होने पर बुधवार को कुछ बसों में डिपो-2 से ईंधन भरवाया गया। बुधवार शाम डिपो-1 को 20 से 22 हजार लीटर डीजल मिला। रात से बसों का परिचालन फिर शुरू हुआ, लेकिन गुरुवार दोपहर तक यह आपूर्ति भी खत्म हो गई। कर्मचारियों को आशंका थी कि शाम तक नई खेप नहीं पहुंची तो रात की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
अब एक फेरे के लिए ही मिल रहा ईंधन
दावणगेरे केएसआरटीसी के मंडलीय नियंत्रक हेमंत कुमार ने बताया कि दो दिन तक डीजल की आपूर्ति नहीं होने से दावणगेरे डिपो-1 और हरिहर डिपो में कुछ परेशानी आई थी। बुधवार शाम ईंधन पहुंचने के बाद बसों का परिचालन जारी रहा और सेवाएं पूरी तरह ठप होने जैसी स्थिति नहीं बनी।
उन्होंने बताया कि पहले बसों की टंकियां पूरी भरी जाती थीं, लेकिन अब एक फेरा पूरा करने के लिए जरूरी मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार ईंधन मंगाया जा रहा है।
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