जिलाधिकारी से एसपी तक के कामकाज से होंगे रूबरू
हर महीने नौ विद्यार्थियों को मिलेगा मौका
पांच छात्राओं की भागीदारी अनिवार्य
चिक्कमगलूरु। आईएएस-आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी पहल शुरू की है। स्पूर्ति योजना के तहत अब बच्चे कुछ घंटों के लिए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से देख और समझ सकेंगे। उन्हें जिलाधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालयों का भ्रमण कराने के साथ अधिकारियों के कामकाज और निर्णय प्रक्रिया से भी परिचित कराया जा रहा है।
नौ तालुकों से हर महीने नौ विद्यार्थी
योजना के तहत जिले के नौ तालुकों से हर महीने नौ विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। सरकारी और अनुदानित विद्यालयों में पढऩे वाले इन विद्यार्थियों को शिक्षकों के साथ जिला मुख्यालय लाया जाता है। यहां उन्हें विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों से मिलने और उनके कामकाज को प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिलता है।
बैठक से क्षेत्रीय दौरे तक का अनुभव
विद्यार्थियों को केवल सरकारी कार्यालयों का भ्रमण ही नहीं कराया जाता, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की बारीकियां भी समझाई जाती हैं। अधिकारियों से संवाद के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारी बच्चों को विभाग की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की जानकारी देते हैं। उन्हें अधिकारियों की बैठकों, वीडियो बैठक और क्षेत्रीय दौरों में शामिल होने का अवसर भी मिलता है।
इस दौरान विद्यार्थी यह समझते हैं कि सरकारी योजनाएं कैसे लागू होती हैं, प्रशासनिक निर्णय किस प्रक्रिया से लिए जाते हैं और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी किस तरह काम करते हैं।
वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को प्राथमिकता
विद्यार्थियों के चयन में पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में उनकी रुचि को भी ध्यान में रखा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। मानसिक रूप से परेशान विद्यार्थियों को भी योजना में अवसर दिया जाता है। हर महीने चुने जाने वाले नौ विद्यार्थियों में पांच छात्राएं शामिल की जाती हैं।
बच्चों से प्रशासन को भी मिलेगा आईना
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, स्पूर्ति का उद्देश्य बच्चों में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें कम उम्र में ही सरकारी व्यवस्था की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। पिछले छह महीनों से यह कार्यक्रम हर महीने नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि विद्यार्थियों से सीधे संवाद के जरिए प्रशासन को जमीनी समस्याओं और बच्चों की अपेक्षाओं को समझने का अवसर भी मिलेगा। पहल को विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
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