आइआइएससी, इसरो, डीआरडीओ, आइआइटी, एनएएल समेत प्रमुख संस्थानों का शैक्षणिक दौरा
विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर
हुब्बल्ली। किताबों में पढ़े विज्ञान और तकनीक को अब विद्यार्थी प्रयोगशालाओं, शोध संस्थानों और तकनीकी केंद्रों में जाकर करीब से समझेंगे। ग्रामीण जीवन का अनुभव कराने के लिए ‘ग्रामानुभव’ के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को पाठ्य ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देने के लिए ‘क्षेत्र भेंट’ कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की है।
राष्ट्रीय नवाचार अभियान के तहत राज्य के पीएमश्री स्कूलों में चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, गणित और तकनीक के प्रति जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगार के विभिन्न विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी।
1.58 लाख विद्यार्थी करेंगे शैक्षणिक भ्रमण
राज्य के पीएमश्री स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक 1,69,984 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 11,109 विद्यार्थियों को ग्रामानुभव के लिए चुना गया है, जबकि 1,58,875 विद्यार्थी क्षेत्र भेंट कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विद्यार्थियों को भारतीय विज्ञान संस्थान (आइआइएससी), इसरो, राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएं (एनएएल), डीआरडीओ, आइआइटी धारवाड़, आइआइटी बेंगलूरु, वीटीयू, निमहांस, किम्स हुब्बल्ली, बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज, एनआइटीके सुरतकल, कृषि विश्वविद्यालय, सीएफटीआरआइ, केंद्रीय कॉफी अनुसंधान संस्थान, एचएएल एयरोस्पेस संग्रहालय, आइआइएम, होटल प्रबंधन संस्थान, बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय, पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विधि विद्यालय तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स सहित विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।
वैज्ञानिकों से सीधे सवाल-जवाब
कार्यक्रम में देश के प्रमुख वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों, अधिकारियों और शिक्षाविदों को स्कूलों में आमंत्रित कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद कराया जाएगा। हर महीने प्रत्यक्ष या आभासी माध्यम से होने वाले इन सत्रों में केवल भाषण नहीं, बल्कि प्रयोग, प्रदर्शन और गतिविधियों पर जोर रहेगा। विद्यार्थी विशेषज्ञों से सवाल पूछ सकेंगे और अपनी जिज्ञासाओं पर चर्चा कर सकेंगे।
हर महीने अलग विषय
अक्टूबर में रमन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक विज्ञान और शोध पर तथा आइआइएम के शिक्षक नेतृत्व और उद्यमिता पर मार्गदर्शन देंगे। नवंबर में जेएनसीएएसआर के वैज्ञानिक शोध और नवाचार, जबकि दिसंबर में आईएएस अधिकारी प्रशासन, लोकसेवा और प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी देंगे।
जनवरी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक जीवन कौशल, फरवरी में कर्नाटक के सफल उद्यमी उद्यमिता और मार्च में सरकारी स्कूलों के पूर्व विद्यार्थी प्रेरक संवाद करेंगे। अगले शैक्षणिक वर्ष में इसरो वैज्ञानिक अंतरिक्ष विज्ञान, आइआइएससी के प्रोफेसर विज्ञान एवं शोध तथा डीआरडीओ के वैज्ञानिक रक्षा तकनीक से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा
विज्ञान केंद्रों, शोध प्रयोगशालाओं, कृषि विश्वविद्यालयों, नवाचार केंद्रों, उद्योगों और तकनीकी पार्कों के शैक्षणिक भ्रमण की योजना बनाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों को वैज्ञानिक प्रयोग देखने, तकनीकी नवाचार समझने और विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा।
–के. विद्याकुमारी, राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, कर्नाटक
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