ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत अलग आरक्षणग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत अलग आरक्षण

इंजीनियरिंग सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के नियम बदले

ग्रामीण कोटे की 15 प्रतिशत सीटें दो वर्गों में बंटेंगी

हुब्बल्ली। कर्नाटक सरकार ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ग्रामीण आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब कुल 15 प्रतिशत ग्रामीण कोटे में से 7.5 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों और सरकारी पीयू कॉलेजों में पढऩे वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की है।

दो श्रेणियों में बंटा ग्रामीण कोटा

व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश नियम-2006 के नियम 9 में संशोधन के तहत आरक्षण को दो समान हिस्सों में बांटा गया है।

7.5 प्रतिशत सीटें: ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक पढऩे और ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी पीयू कॉलेज से पीयूसी पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए।

7.5 प्रतिशत सीटें: ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी, निजी और अनुदानित स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक पढऩे वाले अन्य पात्र विद्यार्थियों के लिए।

इस बदलाव से इंजीनियरिंग सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अलग आरक्षण मिलेगा। पहले सभी पात्र ग्रामीण विद्यार्थी एक ही श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे।

राजपत्र में प्रकाशन से लागू होंगे नियम

उच्च शिक्षा विभाग (तकनीकी शिक्षा) की अवर सचिव सुनीता आर. बिदरी ने संशोधन की अधिसूचना जारी की है। नए नियम राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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