होसपेट। होस्पेट के सरकारी अस्पताल में एम्बुलेंस चालक रहे राम बाबू (44) ने मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल पेश की। उनके नेत्रदान से दो दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है।
सेवानिवृत्त एम्बुलेंस चालक बाबूराव के पुत्र राम बाबू के निधन के बाद परिवार ने दुख की घड़ी में भी उनके दोनों नेत्रदान का निर्णय लिया। चिकित्सकों की टीम ने परिजनों की मौजूदगी में नेत्र संग्रह कर उन्हें बल्लारी स्थित विम्स के नेत्र बैंक को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की।
भगत सिंह रक्तदाता संघ के अध्यक्ष के.एम. संतोष कुमार और निजी एम्बुलेंस चालक जमीर ने इस कार्य में सहयोग किया। राम बाबू ने कोविड महामारी के दौरान भी सराहनीय सेवाएं दी थीं और विभिन्न संगठनों से सम्मान प्राप्त किया था।
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