येरिकोप्पा, यलगूर और गद्दनकेरी में सडक़ पर उतरे किसान
700 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने रोका विजयपुर-बेंगलूरु मार्ग, धूप में फंसे यात्री
हुब्बल्ली। गन्ने का उचित मूल्य तय करने की मांग पर उत्तर कर्नाटक में किसानों का आक्रोश मंगलवार को सडक़ों पर उतर आया। हुब्बल्ली के गब्बूर बाइपास, नूलवी क्रॉस, धारवाड़ के येरिकोप्पा बाइपास, विजयपुर जिले के यलगूर क्रॉस और बागलकोट के गद्दनकेरी क्रॉस पर किसानों ने राजमार्ग रोककर प्रदर्शन किया।

तीन प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कहीं 60 से अधिक किसान सडक़ पर उतरे, तो कहीं 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने विजयपुर-बेंगलूरु राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। गद्दनकेरी में जाम के बीच यात्री तेज धूप में फंसे रहे और कई लोगों को सामान व बच्चों के साथ पैदल सडक़ पार करनी पड़ी।

यलगूर में 700 से अधिक किसानों का जमावड़ा
विजयपुर जिले के निडगुंदी तालुक स्थित यलगूर क्रॉस पर सुबह 11 बजे शुरू हुआ धरना जल्द ही बड़े प्रदर्शन में बदल गया। किसानों ने सडक़ पर शामियाना लगाकर गन्ने का उचित मूल्य घोषित करने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। राजमार्ग बंद होने से वाहनों को आलमट्टी रेलवे स्टेशन मार्ग से मोड़ा गया। जिला पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबरगी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

गद्दनकेरी में कांटेदार झाडिय़ों से रास्ता रोका
बागलकोट जिले के गद्दनकेरी क्रॉस पर किसानों ने हुब्बल्ली-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैलगाडिय़ों के साथ पहुंचे और सडक़ पर कांटेदार झाडिय़ां डालकर विरोध जताया। जाम की पूर्व जानकारी नहीं होने से पहुंचे यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। वहीं, धारवाड़ के येरिकोप्पा क्रॉस पर सुबह नौ बजे से 60 से अधिक किसानों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए।

जोशी के आवास की किलेबंदी, मयूरी एक्सटेंशन में पुलिस का पहरा
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के आवास के आसपास स्थित मयूरी एक्सटेंशन में पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। ऊंचे-ऊंचे बैरिकेड लगाकर सडक़ें बंद कर दी गई हैं। उदयनगर की ओर से जोशी के आवास तक आने वाली सडक़ को छोडक़र अन्य रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई है। अचानक की गई इस घेराबंदी ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है।

सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और कॉलेज पहुंचने की जल्दी में छात्र बंद रास्तों के सामने उलझकर रह गए। कई लोगों को रास्ता बदलकर लौटना पड़ा, तो कुछ को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा। बिना पूर्व सूचना की गई बैरिकेडिंग से आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
जोशी के आवास के सामने पुलिस वाहन तैनात हैं और अतिरिक्त पुलिस बल ने मोर्चा संभाल रखा है। पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, सडक़ें बंद करने की वजह और यह व्यवस्था कितने समय तक जारी रहेगी, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दिल्ली की बातचीत से नहीं निकला तत्काल हल
गन्ने के उचित मूल्य के साथ किसान चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में संशोधन, एथेनॉल से होने वाली आय में हिस्सेदारी तथा गन्ने की ढुलाई और तौल संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। 12 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से तत्काल समाधान नहीं निकलने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में सडक़ जाम का आह्वान किया गया। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किसानों की समस्याओं की समीक्षा के लिए संयुक्त समिति बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन किसान मांगों पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। मूल्य निर्धारण को लेकर गतिरोध बना रहने से आंदोलन आगे भी जारी रहने की आशंका है।
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