चुनाव आचार संहिता से अटकी स्थायी समितियों की राह, आखिरी कार्यकाल घटकर 6 माह

हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम की चार समितियों का गठन टला, पार्षदों में निराशा

हुब्बल्ली। कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम की चार स्थायी समितियों के नए सदस्यों के चयन में देरी होना तय है। इससे समितियों का अंतिम कार्यकाल घटकर महज छह-सात महीने रह जाने की आशंका है।

भाजपा शासित महानगर निगम के मौजूदा पार्षदों का कार्यकाल 27 मई 2027 को समाप्त होगा। हर साल महापौर और उपमहापौर के चुनाव में 15-20 दिन की देरी होती रही है, लेकिन स्थायी समितियों के सदस्यों के चयन में इस बार काफी विलंब हुआ। प्रक्रिया अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक पहुंची, जिससे वर्ष 2026-27 का अंतिम कार्यकाल सीमित हो गया है। इस देरी के लिए क्षेत्रीय आयुक्त और निगम आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

चार स्थायी समितियों में कुल 28 सदस्य चुने जाते हैं। चयन निर्विरोध होने पर भी चुनाव प्रक्रिया बेलगावी संभागीय क्षेत्रीय आयुक्त की उपस्थिति में पूरी करनी होती है। हर साल तारीख तय करने में हुई देरी का असर इस बार समितियों के कार्यकाल पर पड़ा है।

आचार संहिता से 20 दिन का नुकसान

वर्ष 2025-26 की लेखा, कर निर्धारण-वित्त एवं अपील, सार्वजनिक स्वास्थ्य-शिक्षा एवं सामाजिक न्याय तथा नगर नियोजन-विकास स्थायी समितियों के सदस्यों का एक वर्षीय कार्यकाल 13 अक्टूबर को समाप्त होना था। लेकिन 23 सितंबर से लागू चुनाव आचार संहिता 31 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। इससे करीब 20 दिन का कार्यकाल प्रभावित हुआ है और नए सदस्यों के चयन में भी देरी होगी।

धारवाड़ समेत चार जिलों में होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। निगम पार्षदों की मांग है कि मतदान के बाद आचार संहिता हटने का इंतजार किए बिना चयन प्रक्रिया की अधिसूचना जारी की जाए।

वेबसाइट से 82 पार्षदों का ब्योरा गायब

चुनाव आचार संहिता के चलते महानगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट से सभी 82 पार्षदों के नाम, पते, संपर्क नंबर और तस्वीरें हटा दी गई हैं। ‘पार्षद’ और ‘स्थायी समिति सदस्य’ वाले खंड खोलने पर खाली पृष्ठ दिखाई देता है, जबकि अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध है।

निगम के एक अधिकारी के अनुसार, कर्नाटक म्युनिसिपल डाटा सोसाइटी और जिला शहरी विकास प्रकोष्ठ के निर्देश पर निर्वाचित प्रतिनिधियों का विवरण छिपाया गया है।

मतदान के बाद अधिसूचना जारी करने की मांग

स्थायी समितियों के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने से दो सप्ताह पहले निगम आयुक्त को क्षेत्रीय आयुक्त को पत्र लिखना चाहिए था। हमें ऐसा पत्र लिखे जाने की जानकारी नहीं है। हमने 12 अक्टूबर को क्षेत्रीय आयुक्त के.एम. जानकी से धारवाड़ में मिलकर मतदान के बाद तुरंत चयन प्रक्रिया की अधिसूचना जारी करने का आग्रह करने का निर्णय लिया है।
–ईरेश अंचटगेरी, निगम पार्षद

 

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By Bharat Ki Awaz

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