जालोर के वैज्ञानिक उल्लास पुरोहित को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मानउल्लास पुरोहित।

30 अक्टूबर को बीएआरसी के स्थापना दिवस समारोह में ‘होमी भाभा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मानपत्र-2026’ से होंगे सम्मानित

होसपेट (विजयनगर)। राजस्थान के जालोर जिले के ओडवाडा गांव के वैज्ञानिक उल्लास के. पुरोहित को रासायनिक प्रक्रिया विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘होमी भाभा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मानपत्र-2026’ के लिए चुना है। 30 अक्टूबर को बीएआरसी में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

डॉ. कनुभाई पुरोहित के पुत्र उल्लास पुरोहित वर्तमान में मुंबई स्थित भारी जल बोर्ड में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। बीएआरसी के निदेशक एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के सदस्य विवेक भसीन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, रासायनिक प्रक्रिया विकास के क्षेत्र में उनके शोध और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उनका चयन किया गया है। पत्र में उनके परिश्रम, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निरंतर प्रयासों की सराहना की गई है।

गांव से निकलकर देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान में अपनी पहचान बनाने वाले उल्लास पुरोहित की उपलब्धि को ग्रामीण प्रतिभा की उल्लेखनीय सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उनके सम्मान की खबर से परिजनों और समाजजनों में खुशी है।

कर्नाटक के होसपेट निवासी उनके रिश्तेदार भीमसिंह राजपुरोहित ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उल्लास ने अपनी मेहनत और समर्पण से परिवार तथा समाज का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढऩे की आकांक्षा रखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

30 अक्टूबर को होने वाले समारोह में सम्मान प्राप्त करने के साथ उल्लास पुरोहित की वैज्ञानिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी।

 

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