दूध और बस किराया बढ़ाकर आम जनता पर डाला आर्थिक बोझ
पूर्व मंत्री ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
हुब्बल्ली। पूर्व मंत्री शंकर पाटील मुनेनकोप्प ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार एक हाथ से मामूली राहत देकर दूसरे हाथ से महंगाई के जरिए जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। राहत देने के नाम पर लोगों की आंखों में धूल झोंकने के बजाय सरकार को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर नियंत्रण करना चाहिए।
उन्होंने किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि 2,500 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए करने के सरकार के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरी ओर दूध और बस किराए में वृद्धि कर आम लोगों का खर्च बढ़ाया जा रहा है।
मुनेनकोप्प ने कहा कि दूध की कीमत बढऩे से बच्चों वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि बस किराया बढऩे से रोजाना यात्रा करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को परेशानी होगी। सरकार की जिम्मेदारी केवल किसानों को राहत देने तक सीमित नहीं है। उसे किसानों, मजदूरों, मध्यम वर्ग और सामान्य परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि एक ओर राहत की घोषणा और दूसरी ओर महंगाई बढ़ाकर जनता की आय पर बोझ डालने की नीति किसके हित में है। सरकार को मूल्यवृद्धि पर अंकुश लगाकर आम लोगों को वास्तविक राहत देनी चाहिए।
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