BJP is working to damage the original Constitutionकांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद।

बीके हरिप्रसाद ने की आलोचना
कोप्पल. कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर वे 400 सीटें जीतेंगे तो वे संविधान बदल देंगे। भाजपा ने संविधान और राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं किया है। भाजपा हर चीज को एक देश एक वोट कहती है। मूल संविधान को क्षति पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
कोप्पल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में दस साल में क्या किया है इस बारे में नहीं बताया है। कांग्रेस ने न्याय पंच की घोषणा की है। भाजपा का अमृतकाल नहीं, अन्याय का समय है, विनाश का युग कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते केंद्र सरकार ने सूखा राहत राशि जारी की है। केंद्र सरकार राहत के मामले में सौतेला रवैया अपना रही है। भाजपा की सरकार के कार्यकाल में भी सौतेला रवैया था। अब पूरी तरह सौतेला रवैया दिखा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया है। कर्ज माफी का 25 फीसदी हिस्सा हमें दे दिया जाए तो किसान का कर्ज माफ हो जाएगा। इससे पहले रामा जोइस आरक्षण की मांग को लेकर कोर्ट गए थे। आरक्षण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को दिया गया है। कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय नहीं किया है।
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि हिंदू और मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। भाजपा खतरे में है। आरएसएस सरसंचालक के पद पर क्या किसी दलित को नियुक्त किया है? उन्होंने कहा था कि वे भ्रष्टाचार और आतंकवाद को रोकेंग, इलेक्ट्रो बॉन्ड खरीद की जांच होनी चाहिए। भाजपा भ्रष्टाचारियों और बलात्कारियों की पार्टी है।
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता एसबी नागरल्ली, एचएन बडिगेर, हफिजुल्लाह कादरी। कृष्णा इट्टंगी, उम्मीदवार राजशेखर हिट्नाल मौजूद थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *