प्रियांक खरगे ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कलबुर्गी. जिला प्रभारी मंत्री प्रियांक खरगे ने कलबुर्गी जिले में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विवेकपूर्ण तरीके से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आपातकालीन राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को तुरंत अस्थायी आवास, भोजन और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी सहित तालुक एवं ग्राम स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना चाहिए, राहत केंद्रों की सुविधाओं का निरीक्षण करना चाहिए और नदियों-झीलों के किनारे लोगों व पशुओं की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहिए।
उन्होंने घरों व सार्वजनिक भवनों के ढहने से बचाव के उपाय करने और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। मंत्री ने जानकारी दी कि चालू मानसून सत्र में 3.01 लाख किसानों ने फसल बीमा के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से अब तक 1.78 लाख किसानों ने फसल क्षति की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्वेक्षण पूर्ण होते ही प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
महाराष्ट्र के उज्जनी और सीना जलाशयों से 3.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से भीमा नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। खरगे ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में सोन्ना और बेण्णेतोरा बैराज से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ और बढ़ेगी। अत: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नदी किनारे बसे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दें।
जिले में अब तक 88 गांव बाढ़ प्रभावित घोषित किए गए हैं। 56 राहत केंद्र खोले गए, जिनमें से 37 अभी भी चालू हैं और 5,785 लोगों को वहां आश्रय दिया गया है। राहत कार्यों को तेज करने के लिए वाडी में 20 अधिकारियों की एनडीआरएफ टीम और कलबुर्गी में एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।
इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरणप्रकाश पाटिल, विधायक अल्लमप्रभु पाटिल, विधान परिषद सदस्य तिप्पणप्पा कमकनूर, जिलाधिकारी बी. फौजिया तरन्नुम सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

