गंगावती में अवैध मुरमुरे की भट्टियों का आतंकगंगावती में अवैध मुरमुरे की भट्टियों से उठता धुआं।

धुआं-धूल से अस्थमा और आंखों की बीमारियां बढ़ीं

प्रशासन को शिकायतें बेअसर, निवासी नाराज

अवैध बॉयलर कभी भी बन सकता है ‘मौत का कारण’

तत्काल कार्रवाई की मांग

गंगावती (कोप्पल). शहर के बाइपास रोड और गुंडम्मा कैंप में अवैध रूप से संचालित मुरमुरे की भट्टियों से निकलने वाले धुएं और धूल ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर बना दिया है। अस्थमा, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन नगरसभा और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की निष्क्रियता से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।

करीब दो दशक पहले नगरसभा ने प्रदूषण की समस्या को देखते हुए मुरमुरे भट्टी मालिकों को कनकगिरी रोड पर अधिकृत जगह दी थी। लेकिन कुछ लोगों ने वह जगह बेचकर फिर से गुंडम्मा कैंप में ही अवैध भट्टियां शुरू कर दीं। टिन की शेड में पाइप लगाकर धुआं बाहर छोडऩे की यह व्यवस्था निवासियों और राहगीरों की सेहत पर गंभीर असर डाल रही है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि मंडाल बनाने के लिए उपयोग होने वाला चावल भी अस्वच्छ है, जिसे सडक़ पर सुखाया जाता है। पास ही बहने वाला दुर्गम्मनहल्ला का गंदा नाला प्रदूषण को और बढ़ा रहा है।

सबसे बड़ा खतरा अवैज्ञानिक तरीके से लगाए गए बॉयलर का है। पहले भी गाउली महादेवप्पा राइस मिल में बॉयलर फटने से दुर्घटना हो चुकी है। यदि यहां भी ऐसा हादसा हुआ तो पूरा गुंडम्मा कैंप प्रभावित हो सकता है।

निवासी राम नारायण ने कहा कि धुएं से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। नगर सभा की निष्क्रियता से हालात और बिगड़ रहे हैं। तुरंत कार्रवाई जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी अवैध भट्टियों को जब्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि संभावित हादसे से बचा जा सके।

कार्रवाई की जाएगी

अवैध भट्टियों को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। नगर सभा आयुक्त ने स्वयं अवैध बॉयलर रुकवाया था, फिर भी इसे दोबारा लगाया गया है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
नागराज, स्वच्छता अधिकारी, नगर सभा, गंगावती

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *