भटकल को मिला ‘छोटा शहर’ का दर्जाभटकल का शमशुद्दीन सर्कल।

नई भटकल नगरसभा के गठन की अंतिम अधिसूचना जारी

भटकल नगर सभा, जाली टाउन पंचायत और हेबळे ग्राम पंचायत मिलकर बनी नई नगरसभा

22.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मिलाकर जारी हुई अंतिम अधिसूचना

विरोध के दावों के बीच भाजपा नेता एक भी अधिकृत आपत्ति दाखिल करने में नाकाम

कारवार. लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने भटकल को आधिकारिक तौर पर ‘छोटा शहर’ घोषित करते हुए नई भटकल नगरसभा के गठन की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें भटकल नगरसभा, जाली टाउन पंचायत और हेबळे ग्राम पंचायत को शामिल किया गया है, जिससे कुल 22.67 वर्ग किमी का नया शहरी क्षेत्र गठित हुआ है।

नगरसभा का दर्जा दिलाने की मांग वर्ष 2015 से जारी थी। जनवरी 2025 में जिला प्रभारी मंत्री मंकाल वैद्य ने सरकार को पत्र लिखकर भटकल (32,000), जाली (19,000) और हेबळे (19,000) की संयुक्त आबादी को आधार बनाते हुए नगरसभा गठन का अनुरोध किया था। तीनों क्षेत्रों की जनसंख्या 75 हजार से अधिक है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि नगरसभा में केवल मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को ही शामिल किया जा रहा है। लेकिन जब 25 अगस्त को मसौदा अधिसूचना जारी कर एक महीने तक आपत्तियां मंगाई गईं, तब एक भी आधिकारिक आपत्ति दाखिल नहीं की गई। आपत्तियों के अभाव में सरकार ने उसी अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया।

भाजपा जिला सचिव श्रीकांत नाइक ने असंतोष जताते हुए कहा कि मुट्टल्ली, माविनकुर्वा जैसे व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल करने की मांग हमने की थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर सीमित क्षेत्र को नगरसभा बनाया गया है।

अंतिम अधिसूचना में नए नगरसभा की सीमाएं स्पष्ट रूप से दर्ज की गई हैं, जिनमें जाली गांव के सर्वे नंबर 251 से शुरू होकर सुसगडी, सोसगडी, सराबी होले और चौथनी गांव के सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि नई नगरसभा से भटकल में विकास कार्यों को गति मिलेगी। अब देखना यह है कि स्थानीय नेताओं के आरोप और जनता की उम्मीदों के बीच शहर का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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By Bharat Ki Awaz

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