कर्मचारियों के पासपोर्ट लौटाने के निर्देश की मांग
मेंगलूरु. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारतीय दूतावास ने अनिवासी भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आवश्यक स्थिति में स्वदेश लौटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि, कई कंपनियों में कर्मचारियों के पासपोर्ट नियोक्ताओं के पास होने से वे असमंजस में हैं।
दुबई, कुवैत और सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में होटल, टेक्सटाइल, मेडिकल, ट्रांसपोर्ट, एक्सचेंज और निर्माण क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं। स्थानीय नियमों के अनुसार कर्मचारियों का पासपोर्ट उनके स्वयं के पास होना चाहिए, न कि नियोक्ता के पास। इसके बावजूद कुछ संस्थानों द्वारा पासपोर्ट अपने पास रखने की शिकायतें सामने आई हैं। तनाव की स्थिति में यह कर्मचारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
अनिवासी भारतीयों ने मांग की है कि भारतीय दूतावास हस्तक्षेप कर कर्मचारियों के पासपोर्ट उन्हें वापस दिलाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करे, ताकि आपात स्थिति में वे भारत लौट सकें।
यूएई में अलर्ट सिस्टम सक्रिय
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। दुबई में कथित मिसाइल हमले के कुछ ही मिनटों में मोबाइल फोन पर एक साथ इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। संदेश में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, खुले क्षेत्रों और सडक़ों पर न निकलने की अपील की गई।
बताया जा रहा है कि दुबई में मेट्रो सेवा, मॉल, मेडिकल स्टोर, किराना दुकानें और अन्य आवश्यक सेवाएं बंद नहीं की गईं, जिससे आमजन में दहशत फैलने से रोका जा सके।
स्वदेश लौटने की तैयारी
यदि स्थिति और बिगड़ती है तो भारत सरकार द्वारा विशेष उड़ानों के जरिए नागरिकों को वापस बुलाने की संभावना जताई जा रही है। कुछ लोग मानसिक रूप से तैयार हैं और उड़ान शुरू होते ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ के विकल्प के साथ भारत लौटने की योजना बना रहे हैं।
हालांकि, होटल और अन्य निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को पासपोर्ट संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

