कटपाडी में ऐतिहासिक पांगाल कट्टिकेरे का कायाकल्प शुरूकटपाडी में जेसीबी मशीन से ऐतिहासिक पांगाल कट्टिकेरे झील का किया जा रहा विकास कार्य।

11 माह में पूरा होगा विकास कार्य

पर्यटन स्थल बनाने की योजना

कटपाडी (उडुपी). राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के पास मूडबेट्टु गांव स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला पांगाल कट्टिकेरे तालाब अब नए रूप में विकसित होने जा रहा है। लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े इस तालाब के कायाकल्प कार्य की शुरुआत हो चुकी है और इसे 11 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

करीब आधे एकड़ क्षेत्र में फैला यह तालाब ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यहां नानयर गरडी स्थित है, जहां कोटी-चेन्य ने 12 वर्षों तक युद्धकला और तीरंदाजी का प्रशिक्षण लिया था। इतिहास के अनुसार वे इसी तालाब में जलक्रीड़ा करते थे। इस कारण इसे ‘जट्टिकेरे’ भी कहा जाता था। मूडबेट्टु महालिंगेश्वर देवालय का तीर्थस्थल होने से यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी पवित्र माना जाता है।

स्थानीय जनता की मांग है कि इस तालाब को आधुनिक रूप देकर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसी क्रम में कापु विधायक गुरमे सुरेश शेट्टी की सिफारिश पर लघु सिंचाई विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए की अनुदान राशि स्वीकृत की है। जेसीबी मशीनों से प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है।

विधायक शेट्टी ने कहा कि ऐतिहासिक और पवित्रता से जुड़ा यह तालाब आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। 11 माह की अवधि में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना से उम्मीद है कि कट्टिकेरे न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा देगा।

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By Bharat Ki Awaz

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