अब नहीं पता चलेगा किस जिले की कॉपी
मेंगलूरु में शिक्षा विभाग का निर्णय
निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए केवल ‘कोड नंबर’ से भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं
मेंगलूरु (दक्षिण कन्नड़). कर्नाटक में एसएसएलसी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को और अधिक निष्पक्ष बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को यह जानकारी नहीं होगी कि वे जिस उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन कर रहे हैं, वह किस जिले या किस परीक्षा केंद्र की है।
नई व्यवस्था के अनुसार, परीक्षा केंद्र से भेजे जाने वाले उत्तर पुस्तिका के बंडलों पर केवल एक कोड नंबर लिखा होगा। इसके अलावा कोई अन्य विवरण नहीं दिया जाएगा।
पहले उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों पर परीक्षा केंद्र का नाम, कस्टोडियन के हस्ताक्षर और मुहर सहित कई विवरण लिखे जाते थे। इससे मूल्यांकनकर्ताओं को यह जानकारी मिल जाती थी कि उत्तर पुस्तिका किस जिले की है। कई बार परिणाम घोषित होने के बाद कुछ जिलों में मूल्यांकन को लेकर आपत्तियां भी उठती थीं।
नई व्यवस्था में परीक्षा केंद्र के प्रमुख को उसी दिन एक कोड नंबर दिया जाएगा, जिसे वे लॉगिन करके प्राप्त करेंगे और उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल पर दर्ज करेंगे। साथ ही केवल विषय, परीक्षा की तारीख, उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या और उत्तर पुस्तिकाओं की कुल संख्या ही दर्ज की जाएगी।
इसके बाद इन बंडलों को रूट ऑफिसर को सौंपा जाएगा, जो उन्हें जिला केंद्र तक पहुंचाएंगे। वहां इन्हें स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। सभी परीक्षाएं समाप्त होने के बाद विभाग के निर्देशानुसार इन बंडलों को मूल्यांकन केंद्रों को भेजा जाएगा।
दक्षिण कन्नड़ के डीडीपीआई शशिधर ने बताया कि इस बार उत्तर पुस्तिकाओं पर किसी भी जिले या अन्य पहचान से जुड़ी जानकारी नहीं लिखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, केवल कोड नंबर ही रहेगा।
विभाग ने इस वर्ष एसएसएलसी उत्तर पुस्तिकाओं को डाक के माध्यम से मूल्यांकन केंद्र भेजने का विचार भी किया था, जैसा कि द्वितीय पीयू की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ किया जाता है। लेकिन अधिक खर्च और अंतिम चरण में होने वाली परेशानी को देखते हुए इस योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

