सोमिनकोप्पा तालाब में डूबकर जा रही जानें
10वीं के छात्र की मौत के बाद भी चेतावनी बोर्ड तक नहीं
शिवमोग्गा। शहर के वार्ड नंबर-1 स्थित सोमिनकोप्पा तालाब को जिले के बड़े जलाशयों में गिना जाता है, लेकिन प्रशासन की कथित उपेक्षा के कारण यह अब अव्यवस्था और हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। तालाब में तैरने जाने वाले स्कूली विद्यार्थियों और नागरिकों के डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में गहरे गड्ढे में फंसने से 10वीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब के शुरुआती हिस्से में ही कई जगह गहरे गड्ढे हैं। इसकी जानकारी नहीं होने के कारण बच्चे और अन्य लोग तैरने के दौरान उनमें फंस जाते हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा लगाने तक की व्यवस्था नहीं की है।
95 एकड़ का जलाशय, विकास योजना ठंडे बस्ते में
सोमिनकोप्पा तालाब करीब 95 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। कभी इसे शहर के लिए उपयोगी जलस्रोत के साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। शिवमोग्गा-भद्रावती शहरी विकास प्राधिकरण ने करीब 10 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना तैयार कर राज्य सरकार से मंजूरी भी ली थी।
योजना में तालाब में नौकायन, बांध पर वॉकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट, बीच में व्यू प्वाइंट, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था और चारों ओर फेंसिंग के साथ अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव था। हालांकि बाद में प्राधिकरण इस योजना से पीछे हट गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ करोड़ रुपए के काम कराने के बाद भी तालाब की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे।
तालाब बना कचरा और गंदे पानी का ठिकाना
स्थानीय लोगों के मुताबिक तालाब के आसपास निजी लेआउट विकसित हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर ठोस कचरा डाला जा रहा है, जबकि लेआउट का गंदा और सीवेज पानी सीधे तालाब में छोड़े जाने की शिकायत है। तालाब के बांध पर झाडिय़ां उग आई हैं और आसपास का क्षेत्र बदहाल है।
नागरिकों की मांग
खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और फेंसिंग लगाई जाए।
तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
बांध पर वॉकिंग ट्रैक और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।
तालाब में गंदा पानी और सीवेज जाने से रोका जाए।
अतिक्रमण हटाकर तालाब की भूमि सुरक्षित की जाए।
तालाब के आसपास की अव्यवस्था तत्काल दूर की जाए।
नागरिकों का कहना है कि हादसों का इंतजार करने के बजाय राज्य सरकार और जिला प्रशासन को सोमिनकोप्पा तालाब की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

