आलमट्टी के जलाशय में 800 से अधिक पक्षियों का बसेरा, 26 प्रजातियां दर्जआलमट्टी जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में पक्षियों की गणना करते पक्षी प्रेमी।

राज्योत्सव पर राज्यव्यापी पक्षी गणना शुरू

100 से अधिक वनकर्मी और पक्षी प्रेमियों ने संभाला मोर्चा

आलमट्टी (विजयपुर)। कर्नाटक की समृद्ध पक्षी विविधता का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए शुरू किए गए ‘कर्नाटक राज्योत्सव पक्षी गणना-2026’ अभियान के तहत आलमट्टी जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में 800 से अधिक पक्षी मिले हैं। शुक्रवार को हुई गणना में 26 से अधिक प्रजातियों की पहचान की गई। इस अभियान में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और पक्षी प्रेमियों सहित 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

गणना दल ने कृष्णा नदी पर बने आलमट्टी बांध के बैकवाटर क्षेत्र में पुराने आलमट्टी, बेनाल और चिम्मलगी गांवों के आसपास करीब 10 किलोमीटर तक भ्रमण किया। इस दौरान पक्षियों का अवलोकन कर उनकी प्रजातियों और संख्या का रिकॉर्ड तैयार किया गया। मुद्देबिहाल के क्षेत्रीय वन अधिकारी बसनगौड़ा पाटील ने बताया कि गणना में 800 से अधिक पक्षी दर्ज किए गए।

नॉर्दर्न पिंटेल, यूरेशियन कॉलर्ड डव, एशियन पाम स्विफ्ट, ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, कॉमन सैंडपाइपर, व्हाइट-थ्रोटेड किंगफिशर और ग्रे हेरॉन सहित कई प्रजातियां दिखाई दीं।

विजयपुर सामाजिक वानिकी विभाग के डीएफओ शिवरुद्रप्पा कबाडगी के अनुसार, अभियान 2 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत 31 अक्टूबर को ममदापुर, 1 नवंबर को इंडी तालुक के सावळसंग तथा 2 नवंबर को भूतनाल और हंचिनाल में गणना की जाएगी।

कर्नाटक बर्ड मॉनिटरिंग नेटवर्क और पक्षी निरीक्षकों के सहयोग से चल रहे इस अभियान में पक्षी विशेषज्ञ श्रीनिवास सिन्नूर, वन विभाग के अधिकारी और 50 से अधिक पक्षी प्रेमी भी शामिल हुए।

 

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