अस्वस्थता के कारण अमित शाह केएलई कार्यक्रम से रहे दूरअमित शाह।

हुब्बल्ली के होटल में डॉक्टरों की निगरानी में रहे केंद्रीय गृह मंत्री

केएलई अस्पताल का उद्घाटन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ

हुब्बल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को अस्वस्थता के कारण हुब्बल्ली में निर्धारित केएलई चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो सके। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव के बाद डॉक्टरों ने उन्हें होटल में आराम की सलाह दी और वहीं चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया।

अमित शाह शुक्रवार देर रात हुब्बल्ली पहुंचे थे और शहर के एक निजी होटल में ठहरे थे। शनिवार को उन्हें गब्बूर में केएलई जगद्गुरु गंगाधर महास्वामी मूरुसाविरमठ चिकित्सा महाविद्यालय के नए शैक्षणिक भवन तथा 1,200 बिस्तरों वाले केएलई अस्पताल एवं चिकित्सा अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करना था।

केएलई के चेयरमैन प्रभाकर कोरे ने समारोह में घोषणा की कि स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के कारण अमित शाह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके बाद अन्य अतिथियों की मौजूदगी में निर्धारित कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।

अमित शाह का स्वास्थ्य जानने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र सहित कई नेता होटल पहुंचे। हालांकि, उनकी चिकित्सकीय स्थिति के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

गब्बूर में विकसित यह एकीकृत चिकित्सा परिसर करीब 50 एकड़ में फैला है और इसे लगभग 700 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है। परिसर में चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और चिकित्सा अनुसंधान सुविधाएं शामिल हैं।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *