पश्चिमी घाट में भारी वर्षा से वाराही समेत कई नदियां चेतावनी स्तर के करीब
अचानक बाढ़ की आशंका, किसानों को फसल बीमा का सहारा
कुंदापुर (उडुपी)। पश्चिमी घाट में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा से तटीय कर्नाटक की नदियां फिर से उफान पर हैं। उडुपी जिले के पश्चिमी घाट क्षेत्र से निकलने वाली वाराही, सीता, विमला, कुब्जा, सौपर्णिका और स्वर्णा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इनमें से कई नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने उडुपी, दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ जिलों के लिए अगले एक सप्ताह तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी वर्षा, तेज हवाओं और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है। केंद्रीय जल आयोग भी प्रमुख नदियों पर लगातार निगरानी रख रहा है। समुद्र में मछुआरों के उतरने पर फिलहाल प्रतिबंध लगाया गया है।
दो माह की बारिश की कमी के बाद राहत
उडुपी जिले में अब तक 39 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है और 146 गांवों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय पश्चिमी घाट में हुई बारिश से नदियों में जल प्रवाह बढऩे से लोगों को कुछ राहत मिली है।
किसानों के लिए राहत उपाय
अनिश्चित मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों से 14 अगस्त 2026 तक फसल बीमा कराने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, यदि अधिसूचित क्षेत्र के 75 प्रतिशत हिस्से में धान की बुवाई या रोपाई प्रभावित होती है, तो बीमित किसानों को कुल बीमा राशि का 50 प्रतिशत तक मुआवजा मिल सकेगा।
वाराही सिंचाई निगम के अधीक्षण अभियंता प्रवीण भट्ट ने कहा कि पिछले दो दिनों की वर्षा से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। वाराही नदी में पानी बढ़ा है, लेकिन फिलहाल स्थिति खतरे के स्तर पर नहीं है। प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है।
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