अड्यार में हाईवे पार करना जान जोखिम में डालना!सह्याद्रि कॉलेज जंक्शन पर विद्यार्थियों और राहगीरों को सडक़ पार कराता हुआ स्थानीय नागरिक।

सह्याद्रि कॉलेज और स्कूल के हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा दांव पर

स्काईवॉक की उठी मांग

अड्यार (दक्षिण कन्नड़)। एक तरफ हजारों कॉलेज विद्यार्थी, दूसरी तरफ छोटे स्कूली बच्चे और बीच में तेज रफ्तार वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-73—अड्यार के सह्याद्रि कॉलेज जंक्शन पर सडक़ पार करना रोजाना जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। कभी पुलिस यातायात संभालती है तो कभी स्थानीय लोगों को ही स्वयंसेवक बनकर विद्यार्थियों और राहगीरों को सडक़ पार करानी पड़ती है। हादसों का इतिहास होने के बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी है।

सह्याद्रि कॉलेज के एक ओर बड़ा परिसर है तो दूसरी ओर गुणश्री विद्यालय। फरंगिपेटे, कोडक्कल, कन्नूर, अड्यार और अड्यार पदवु समेत आसपास के क्षेत्रों से प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए बच्चे यहां आते हैं। बस से आने वाले विद्यार्थियों को राजमार्ग पार करके विद्यालय पहुंचना पड़ता है। छुट्टी के बाद घर लौटते समय भी उन्हें इसी खतरे से गुजरना पड़ता है।

तेज रफ्तार के बीच यू-टर्न का संकट

जंक्शन पर वाहनों की आवाजाही के साथ यू-टर्न लेने वाले वाहनों की संख्या भी अधिक है। मेंगलूरु-अड्यार सिटी बस का अंतिम पड़ाव होने से बसें यहां यू-टर्न लेती हैं। कॉलेज आने-जाने वाली कारें और दोपहिया वाहन भी इसी हिस्से में मुड़ते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच पैदल सडक़ पार करना और मुश्किल हो जाता है।

यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं और जनहानि हो चुकी हैं। बैरिकेड लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित करने की कोशिश की गई है, लेकिन पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की समस्या बनी हुई है।

सुबह 7 से शाम 7 बजे तक पुलिस की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि कम से कम सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक पुलिस की नियमित तैनाती होनी चाहिए। यातायात पुलिस की अनुपस्थिति में स्थानीय लोग स्वयं सडक़ पर उतरकर विद्यार्थियों और राहगीरों को पार कराने में मदद करते हैं।

अब स्काईवॉक ही स्थायी समाधान

विद्यार्थियों का कहना है कि बस से आने-जाने वाले छात्रों को सडक़ पार करना अनिवार्य है। स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी और धार्मिक स्थलों के कारण यहां पैदल आवाजाही लगातार रहती है। ऐसे में स्काईवॉक का निर्माण होने पर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच सडक़ पार करने के जोखिम से राहत मिल सकती है।

स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और पुलिस प्रशासन से तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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