कचरा उठाने की व्यवस्था पर सवाल, सड़कें बनीं डंपिंग ग्राउंड!सडक़ पर फेंका कचरा।

घर के बाहर रखा कचरा नहीं उठता

शुल्क देने के बावजूद नागरिक परेशान

उडुपी। स्वच्छ शहर की तस्वीर पेश करने वाले उडुपी में कचरा संग्रह व्यवस्था को लेकर नागरिकों का असंतोष बढ़ रहा है। शहर के कई हिस्सों में सडक़ किनारे, मकानों और दुकानों के सामने कचरे के ढेर कई दिनों तक पड़े रहने से नगर प्रशासन की सफाई व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

घर-घर गीला और सूखा कचरा संग्रह की व्यवस्था होने के बावजूद कई इलाकों में नागरिकों की शिकायत है कि कचरा वाहन जल्दबाजी में आते हैं और बिना कचरा उठाए निकल जाते हैं। घर के बाहर अलग-अलग करके रखे कचरे के थैले भी नहीं उठाए जाने का आरोप है। बाद में आवारा श्वान थैलियां फाडक़र कचरा सडक़ पर फैला देते हैं।

हाथ में कचरा देकर ही जाइए!

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब घर-घर कचरा संग्रह की व्यवस्था है तो नागरिकों को कचरा वाहन के पीछे क्यों भागना पड़े? कई जगह कर्मचारियों द्वारा कचरा सीधे हाथ में देने की मांग किए जाने की शिकायत है। सुबह काम पर निकलने वाले परिवारों के लिए यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं होने से समस्या और गंभीर हो रही है।

नागरिकों का कहना है कि वे कचरा शुल्क और कर चुका रहे हैं, फिर भी उन्हें कचरे के ढेर और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। मांग है कि घर के सामने निर्धारित डिब्बे में रखा कचरा भी नियमित रूप से उठाने का स्पष्ट निर्देश दिया जाए।

बड़ी मात्रा में कचरे के लिए अलग व्यवस्था

नगर प्रशासन 35 वार्डों में बल्क वेस्ट जनरेटरों की पहचान कर रहा है। 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले स्थानों के लिए दो अलग वाहनों की खरीद का टेंडर प्रक्रिया में है। अधिकारियों के अनुसार इससे नियमित घर-घर कचरा संग्रह पर पडऩे वाला दबाव कम हो सकता है।

मेंगलूरु-पुत्तूर मॉडल क्यों नहीं?

नागरिकों का सवाल है कि मेंगलूरु और पुत्तूर में घरों तथा किराए के कमरों के लिए ढक्कनयुक्त कचरा डिब्बे उपलब्ध कराए जा सकते हैं तो उडुपी में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं? केवल नागरिकों से कचरा अलग करने की अपेक्षा करने के बजाय नगर प्रशासन को भी संग्रहण की जिम्मेदारी उतनी ही गंभीरता से निभानी होगी।

सवाल अब केवल कचरा उठाने का नहीं, बल्कि शुल्क चुकाने वाले नागरिक को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर देने की प्रशासनिक जिम्मेदारी का है।

नगर प्रशासन आयुक्त महांतेश हंगरगी ने कहा है कि नागरिक गीला और सूखा कचरा अलग करके दें। यदि कर्मचारी कचरा उठाए बिना चले गए हैं तो उन्हें व्यवस्थित संग्रह के निर्देश दिए जाएंगे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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