उत्तर कर्नाटक को सीधी रेल सेवाओं की मांगजेडआरयूसीसी सदस्य महेंद्र एच. सिंघी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक पी. अनंत से मुलाकात कर सम्मान किया।

महाप्रबंधक पी. अनंत को सौंपा ज्ञापन

नई ट्रेनों, बंद सेवाओं की बहाली और यात्री सुविधाओं पर जोर

हुब्बल्ली। उत्तर कर्नाटक की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) के जेडआरयूसीसी सदस्य महेंद्र एच. सिंघी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक पी. अनंत से मुलाकात कर छह प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

नई ट्रेनें और बंद सेवाएं बहाल करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने यशवंतपुर-बाड़मेर एक्सप्रेस (14805/14806) को सप्ताह में तीन दिन चलाने और इसे ‘नाकोड़ा एक्सप्रेस’ नाम देने की मांग की। साथ ही बंद हो चुकी हुब्बल्ली-काचेगुड़ा सीधी रेल सेवा बहाल करने का अनुरोध किया गया।

हुब्बल्ली से श्रीनगर, अमृतसर और सोमनाथ के लिए नई सीधी ट्रेनें शुरू करने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन सेवाओं से धार्मिक यात्रियों के साथ व्यापार, रोजगार और सामाजिक आवागमन को भी सुविधा मिलेगी।

वरिष्ठ यात्रियों की सुविधा का मुद्दा भी उठा

चेन्नई-हुब्बल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सुबह के समय हुब्बल्ली रेलवे स्टेशन के मुख्य प्लेटफॉर्म पर लेने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, वर्तमान में प्लेटफॉर्म संख्या 6, 7 या 8 पर आने के कारण वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और भारी सामान वाले यात्रियों को परेशानी होती है।

महेंद्र एच. सिंघी ने कहा कि मांगें किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं। उत्तर कर्नाटक के सभी यात्रियों को बेहतर और सीधी रेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन्हें रखा गया है।

प्रतिनिधिमंडल में जेडआरयूसीसी सदस्य अश्विन सेमलानी, भंवरलाल आर्य, मुकेश भंडारी, जसमेल सिंह, सुभाषचंद्रा डंक, राम पारीक सहित विभिन्न सामाजिक एवं यात्री संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *