जमीन अधिग्रहण पर बढ़ी धडक़न
29 अगस्त को सरकार की अधिसूचना जारी
18, 24 और 30 मीटर चौड़ी तीन प्रस्तावित सडक़ों के विकल्प
किसानों के मुआवजे और मार्ग को लेकर असमंजस
विजयपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-50 पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए देवरहिप्परगी कस्बे के चारों ओर रिंग रोड बनाने की राज्य सरकार की योजना सामने आने के बाद अब प्रस्तावित सडक़ को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 29 अगस्त को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कस्बे के आसपास 18, 24 और 30 मीटर चौड़ी रिंग रोड के लिए मार्ग निर्धारित किए हैं। इनमें 30 मीटर यानी करीब 100 फीट चौड़ी सडक़ का प्रस्ताव भी शामिल है।
प्रस्तावित 18 मीटर सडक़ के मार्ग में बसवन बागेवाड़ी रोड से होते हुए विजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-50, आगे इंडी रोड, सिंदगी राष्ट्रीय राजमार्ग-50 और तालीकोटे कस्बे से जुडऩे वाली जिला सडक़ को जोडऩे का प्रावधान है। इसके लिए विभिन्न सर्वे नंबरों से होकर मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं 24 और 30 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सडक़ें कस्बे से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर हैं। ऐसे में इन दोनों मार्गों को प्राथमिकता मिलने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा है।
तालाबों के कारण चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार बसवन बागेवाड़ी, तालीकोटे और सिंदगी मार्गों को आपस में जोडऩा संभव है, लेकिन बसवन बागेवाड़ी रोड और इंडी रोड से विजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक सीधा संपर्क आसान नहीं है। इनके बीच देवरहिप्परगी और इंगलगी के विस्तृत तालाब स्थित हैं। इनके कारण सडक़ निर्माण के लिए तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होगा।
समृद्धि सहकारी संस्था के उपाध्यक्ष रियाज तंबोली के अनुसार, तालाबों की स्थिति को ध्यान में रखकर ही वैज्ञानिक तरीके से सडक़ का निर्माण करना चाहिए।
व्यापार पर असर की चिंता
कस्बा लगातार विस्तार कर रहा है और राष्ट्रीय राजमार्ग-50 पर वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है। रिंग रोड बनने से भारी एवं बाहरी यातायात को कस्बे से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे कस्बे के भीतर आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम होने पर स्थानीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
उद्यमी के.एस. कोरी का कहना है कि रिंग रोड से यातायात दबाव कम होगा, लेकिन बाहरी मार्ग से वाहनों के गुजरने पर कस्बे के व्यापारिक कारोबार पर इसका असर पड़ सकता है।
रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
दूसरी ओर, प्रस्तावित रिंग रोड के आसपास होटल, चाय की दुकानें, वाहन मरम्मत केंद्र और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि स्थानीय लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि 18, 24 और 30 मीटर में से किस मार्ग को अंतिम रूप दिया जाएगा। जमीन का अधिग्रहण किस तरह होगा। किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा और इसकी प्रक्रिया क्या होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता नजीर कलकेरी, रमेशबाबू मेटगार, राउत अगसर और किसान अजीज यलगार के अनुसार इन सवालों को लेकर ग्रामीणों में उत्सुकता बनी हुई है।
नगर पंचायत को अभी आधिकारिक सूचना नहीं
नगर पंचायत उपाध्यक्ष रमेश मसबिनाल ने कहा कि रिंग रोड निर्माण के संबंध में जानकारी मिली है, लेकिन नगर पंचायत को अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही इस पर प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
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