पुराना पुल तोड़ें या पहले नया बनाएं?कंडलूरु का जर्जर पुल।

कंडलूरु के जर्जर पुल के लिए 55 करोड़ रुपए मंजूर

नए पुल से पहले पुराना हटाने पर अड़े पीडब्ल्यूडी

जनता बोली—पहले नया बनाओ, फिर पुराना हटाओ

कुंदापुर (उडुपी)। तीरथहल्ली-कुंदापुर राज्य राजमार्ग पर कंडलूरु में वाराही नदी पर बना करीब पांच दशक पुराना पुल अब सुरक्षा और आवागमन के बीच उलझा सवाल बन गया है। जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 55 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अनुसार पुराने पुल को तत्काल हटाना जरूरी है। दूसरी ओर, स्थानीय लोग नए पुल के तैयार होने तक पुराने पुल को बचाए रखने की मांग कर रहे हैं।

दो-तीन साल का रास्ता कौन देगा?

पीडब्ल्यूडी के अनुसार नया पुल बनने में कम से कम दो वर्ष लग सकते हैं। यदि पुराने पुल को अभी हटा दिया गया तो शिवमोग्गा, तीरथहल्ली और सिद्धापुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कुंदापुर पहुंचने का सीधा रास्ता प्रभावित होगा। अंपारु, कंडलूरु और आसपास के हजारों लोगों के लिए यह रोजमर्रा की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है।

स्थानीय लोगों का सुझाव है कि यदि सुरक्षा कारणों से पुल हटाना ही पड़े तो नए पुल के निर्माण तक बार्ज की अस्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।

2017 में ही सामने आ चुका था खतरा

पीडब्ल्यूडी ने 2017-18 में पुल की स्थिति और भार क्षमता की जांच के बाद 23 अक्टूबर 2017 को मरम्मत की जरूरत बताते हुए सरकार को रिपोर्ट भेजी थी। करीब 300 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े पुल में वर्षों से दरारें हैं और बीच में बड़ा गड्ढा भी बन चुका है। वर्षों बाद अब नए पुल के लिए धन मंजूर हुआ है।

भारी वाहनों पर रोक की मांग

सेतु संघर्ष समिति के प्रमुख प्रदीप शेट्टी गुडिबेट्टु ने सुरक्षा के मद्देनजर 10-पहिया समेत भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकने की मांग की है। वहीं स्थानीय प्रमुख सदानंद बल्कूरु के अनुसार प्रतिदिन 20 हजार से अधिक वाहन इस पुल से गुजरते हैं और नया पुल बनने से पहले पुराने को हटाना स्वीकार्य नहीं है।

नया पुल बनने में लगेंगे दो वर्ष

पीडब्ल्यूडी के सहायक कार्यकारी अभियंता महाबल नायक ने कहा कि पुराने पुल को हटाकर नया बनाने का प्रस्ताव है। यदि पुराने पुल को बचाकर नया पुल बनाया गया तो भूमि अधिग्रहण के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत पड़ेगी। नया पुल बनने में कम से कम दो वर्ष लग सकते हैं।

55 करोड़ रुपए की मंजूरी के बाद अब असली सवाल यही है कि सुरक्षा के नाम पर पुल हटेगा तो हजारों लोगों के लिए वैकल्पिक रास्ता कौन देगा?

 

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By Bharat Ki Awaz

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