हर सोमवार सड़क पर लगता है बाजार, जाम में फंसता है ब्रह्मावरराहगीरों के आश्रय का स्थान बना अधूरा बाजार भवन।

लाखों का कारोबार, हजारों ग्राहक

सुविधाएं जस की तस—अधूरे बाजार भवन ने बढ़ाई परेशानी

उडुपी। ब्रह्मावर के बीचोंबीच हर सोमवार लगने वाला साप्ताहिक हाट वर्षों से आसपास के गांवों के किसानों, छोटे व्यापारियों और हजारों ग्राहकों का प्रमुख बाजार बना हुआ है। यहां हर सप्ताह लाखों रुपए का कारोबार होता है और सैकड़ों व्यापारी पहुंचते हैं। स्थानीय वारंबल्ली ग्राम पंचायत बाजार से शुल्क भी वसूलती है, लेकिन बाजार बढऩे के साथ सुविधाएं नहीं बढ़ीं। नतीजा यह है कि बाजार के दिन सडक़ें दुकान बन जाती हैं और वाहन जाम में फंस जाते हैं।

व्यापारियों और ग्राहकों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से सब्जी, फल और अन्य सामान बेचने वाले सडक़ किनारे दुकानें लगाने को मजबूर हैं। इससे अंदरूनी बाजार की सडक़ों पर पैदल चलना और वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

आधा बना बाजार भवन, पूरा नहीं हुआ काम

पुराने बाजार भवन में कुछ ही व्यापारियों को जगह मिल पाती है। अधिक व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान देने के लिए नए भवन का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन काम बीच में ही रुक गया। अधूरा भवन अब उपयोग के बजाय राहगीरों के आश्रय का स्थान बना हुआ है। यहां असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी जताई जा रही है।

गांधी मैदान में पार्किंग क्यों नहीं?

बाजार में आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। जबकि पास ही गांधी मैदान में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। बाजार के दिन यहां व्यवस्थित पार्किंग कराई जाए और इसके लिए अलग कर्मचारियों की तैनाती की जाए तो मुख्य बाजार की सडक़ों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है।

10-20 मिनट तक जाम

सडक़ किनारे बाजार और बेतरतीब पार्किंग के कारण हर सोमवार अंदरूनी बाजार में यातायात बाधित होना आम है। कई बार 10 से 20 मिनट तक जाम लगता है, जबकि अन्य समय वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रहती है। सडक़ किनारे होने वाले कारोबार को नियंत्रित करने, व्यापारियों के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने और बाजार के दिन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने की जरूरत है।

तीन पंचायतें मिलकर बनाएं योजना

ब्रह्मावर मुख्य बाजार से वारंबल्ली, हंदाडी और चांटारू ग्राम पंचायत क्षेत्र जुड़े हैं। आसपास इन पंचायतों की सीमा में यदि वर्तमान बाजार स्थल के नजदीक पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो तो साप्ताहिक हाट को व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जा सकता है।

बाजार भवन पूरा करने, पार्किंग व्यवस्था बनाने और यातायात प्रबंधन के लिए पंचायत, अधिकारी, विधायक और जनप्रतिनिधियों को संयुक्त रूप से योजना तैयार करनी होगी।

व्यापार अच्छा, सुविधाएं नहीं

बाजार में अच्छा कारोबार होता है, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं से ग्राहक परेशान हैं। सुविधाएं नहीं बढ़ीं तो ग्राहक संख्या कम होने लगी है। संबंधित विभागों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।
-लक्ष्मणप्पा, बाजार व्यापारी

जगह की कमी है

वर्तमान बाजार स्थल पर जगह की कमी है, इसलिए विकास में दिक्कत आ रही है। अधूरा भवन विधायक निधि से चल रहा काम है, इसकी अधिक जानकारी नहीं है। बाजार के दिन यातायात समस्या के समाधान पर विचार किया जाएगा।
आदर्श, पीडीओ, वारंबल्ली

 

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By Bharat Ki Awaz

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