अचानक हृदयगति रुकने पर गोल्डन ऑवर बेहद अहम
हर व्यक्ति को जीवनरक्षक तकनीक का प्रशिक्षण जरूरी
मुंबई। जानेमाने चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली ने कहा कि अचानक सीने में तेज दर्द, पसीना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी की स्थिति में डॉक्टर अथवा एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई जरूरी है। आपातकालीन सेवा को सूचना देने के साथ जरूरत होने पर सीपीआर शुरू करना और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति में जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक अंतर पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में गोल्डन ऑवर में मिला तत्काल उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।
डॉ. भंसाली ने कहा कि सीपीआर का प्रशिक्षण केवल डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित न रहे। चालक, घरेलू सहायक, सुरक्षा गार्ड, कार्यालय कर्मचारी और परिवार के सदस्यों को भी यह जीवनरक्षक तकनीक सिखाई जानी चाहिए। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को सीपीआर प्रशिक्षण देने की मांग भी उठाई गई है।
उन्होंने कहा कि ‘सीपीआर दो, सिर्फ इंतजार मत करो’ संदेश के जरिए लोगों को इस तकनीक के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उद्देश्य है कि आपात स्थिति में आसपास मौजूद व्यक्ति मदद के लिए आगे आए और कीमती समय बर्बाद न हो।
सीपीआर सीखें, सिखाएं और जरूरत पडऩे पर तुरंत करें—एक छोटी-सी पहल किसी की जिंदगी बचा सकती है।
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