व्यक्तिगत टिप्पणी और परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं
हुब्बल्ली। पूर्व मंत्री शंकर पाटील मुनेनकोप्प ने कहा कि किसानों के न्यायोचित अधिकारों के लिए होने वाला आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटककर व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने तक नहीं पहुंचना चाहिए। सरकार और मंत्रियों से सवाल करना किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंत्री रहते किसानों की शिकायतों और सुझावों को प्राथमिकता दी गई। फसल की तौल में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच कराकर दोष मिलने पर कार्रवाई की गई। समय पर फसल भुगतान और बकाया राशि को शून्य करने की दिशा में भी कदम उठाए गए।
मुनेनकोप्प ने कहा कि किसानों की समस्याओं को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए। दूसरे राज्यों की चीनी मिलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कराने के लिए अधिकारियों को भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि फसल, कीमत, तौल और भुगतान जैसे वास्तविक मुद्दे ही आंदोलन के केंद्र में रहें। परिवार को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना आंदोलन की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
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