पटाखों से आंखों को खतरा, दीपावली पर 24 घंटे तैयार रहेंगे अस्पताल

पांच साल में 600 से अधिक लोग हुए घायल

करीब 30 प्रतिशत मामलों में सर्जरी की नौबत, आधे पीडि़त बच्चे

हुब्बल्ली। दीपावली पर पटाखे फोड़ते समय होने वाली दुर्घटनाओं में आंखों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए हुब्बल्ली-धारवाड़ के सरकारी और निजी अस्पतालों ने विशेष तैयारी की है। त्योहार के दौरान 24 घंटे आपात उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों, कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की गई है। घायलों के लिए अतिरिक्त बिस्तर भी तैयार रखे गए हैं।

केएमसी-आरआई, वासन आई केयर, डॉ. एम.एम. जोशी आई अस्पताल, जयप्रिया और अग्रवाल आई अस्पताल सहित कई संस्थानों ने विशेष इंतजाम किए हैं। चिकित्सकों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पटाखों से आंखों में चोट लगने के 600 से अधिक मामले सामने आए हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत बच्चे हैं। लगभग 30 प्रतिशत घायलों को शल्य चिकित्सा की जरूरत पड़ती है।

वासन आई केयर के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विनय पाटील ने बताया कि आंख के काले और सफेद हिस्से में गंभीर चोट लगने पर स्थायी अंधत्व का खतरा रहता है। पटाखे से आंख में चोट लगने पर उसे बिल्कुल न रगड़ें और न ही पानी डालें। मामूली चोट को भी नजरअंदाज किए बिना तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।

डॉ. एम.एम. जोशी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित उपचार की सुविधा नहीं होने से घायल मरीज हुब्बल्ली-धारवाड़ के अस्पतालों में पहुंचते हैं। बागलकोट, विजयपुर, गदग और हावेरी सहित आसपास के जिलों से भी मरीज आते हैं।

पटाखे फोड़ते समय बरतें सावधानी

– सूती कपड़े पहनें और खुले स्थान पर ही पटाखे फोड़ें।
– आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें।
– लंबी अगरबत्ती का इस्तेमाल करें और पटाखों से दूरी रखें।
– कम आवाज वाले पटाखे चुनें।
– पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पटाखे न दें।
– बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला न छोड़ें।

 

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By Bharat Ki Awaz

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