14 सितंबर से 12 दिवसीय उत्सव
बिजली-पानी, सडक़, विसर्जन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विभागों को निर्देश
हुब्बल्ली। गणेशोत्सव को लेकर हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम सहित विभिन्न विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 14 सितंबर से शुरू होने वाले 12 दिवसीय उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम, पुलिस, हेस्कॉम, वन, अग्निशमन, जलापूर्ति तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों की बैठक विधायक महेश टेंगिनकाई की अध्यक्षता में हुई। शहर के सर्किट हाउस में सोमवार को हुई बैठक में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से लेकर विसर्जन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
अनुमति प्रक्रिया होगी सरल
महापौर दुर्गम्मा बिजवाड़ और नगर निगम आयुक्त डॉ. रुद्रेश घाली ने कहा कि गणेश मंडलों की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकल खिडक़ी व्यवस्था की गई है। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से कम समय में अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को विसर्जन कुओं की सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
अभियंता विठ्ठल तुबाके ने कहा कि 13 कुओं एवं कृत्रिम कुओं की सफाई कराई जा रही है। उदयनगर गणेश मंदिर के पास स्थित कृत्रिम कुएं की भी व्यवस्था की जाएगी। कुल 34 कुओं को चिन्हित कर उनमें पानी भरने तथा आवश्यक स्थानों पर पानी के गड्ढे भरने की कार्रवाई की जा रही है।
सडक़ों के गड्ढे जल्द भरने के निर्देश
विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान शहर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए सडक़ों के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरना होगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उत्सव के दौरान किसी भी सडक़ पर गड्ढों को लेकर शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
वन विभाग को जुलूस के मार्ग में आने वाली पेड़ों की शाखाओं को हटाने तथा बिजली के तारों से टकराव की आशंका वाले स्थानों की पहचान करने को कहा गया है।
बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति
हेस्कॉम अधिकारियों ने कहा कि दुर्गदबैल और कोप्पिकर रोड क्षेत्रों में तीन वैकल्पिक विद्युत स्रोतों की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। अधिक विद्युत भार वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त मीटर की व्यवस्था भी की गई है। विधायक ने निर्देश दिया कि 12 दिनों के उत्सव के दौरान किसी भी समय बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
जलापूर्ति विभाग को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थलों पर पहले से पानी भरने के साथ टैंकरों को तैयार रखने की व्यवस्था की जाएगी।
बड़ी मूर्तियों के लिए अलग मार्ग
शहर में 24 फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाओं के साथ इससे बड़ी प्रतिमाएं भी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अनुसार आइटी पार्क क्षेत्र में फिलहाल 18 फीट तक की प्रतिमाओं के आवागमन की संभावना है। बड़ी प्रतिमाओं के मार्ग में निर्माण कार्य बाधा न बने, इसके लिए शुक्रवार को नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और अन्य विभाग संयुक्त निरीक्षण करेंगे। करीब 26 फीट तक ऊंची तीन प्रतिमाओं के मार्ग का भी निरीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाएगा।
पीओपी की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध
बैठक में मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। हुब्बल्ली में मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले कलाकारों को 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना है। वहीं, पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
विसर्जन और सुरक्षा की तैयारी
पुलिस विभाग ने रात 10 बजे तक गणेश प्रतिमा विसर्जन पूरा करने तथा डीजे की तेज आवाज पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति रहेगी। विसर्जन के दौरान क्रेन और तैराकों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग ने चौबीसों घंटे कर्मचारियों की तैनाती तथा विसर्जन स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जानकारी दी। धारवाड़, अमरगोल और शहर के अन्य क्षेत्रों सहित कुल छह अग्निशमन वाहनों को तैयार रखा जाएगा। एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।
विधायक ने प्रसाद वितरण के बाद कचरा न फैलने देने, सफाई कर्मचारियों को पालीवार तैनात करने, मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने और पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। पुलिस उपायुक्त श्रुति एस.एन. ने कहा कि सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, ड्रोन, बैरिकेड और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में विधान परिषद सदस्य लिंगराज पाटिल, नगर निगम पार्षद शिवु मेणसिनकाई समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणोशोत्सव मंड़लों के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
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