धारवाड़ में प्रतिरोध समावेश
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन का आह्वान
धारवाड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को रद्द कराने की मांग को लेकर अभिनेता प्रकाश राज ने लोगों से सडक़ों पर उतरकर आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया। जनपक्षीय संगठनों की ओर से बुद्ध रक्किथ विद्यालय परिसर में रविवार को आयोजित ‘फासीवादी शक्तियों के दमन के खिलाफ प्रतिरोध समावेश’ में उन्होंने यह बात कही।
प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि एक विचारधारा के समर्थकों को ही मतदान का अधिकार देने और अन्य वर्गों को इससे वंचित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी, दलित और मुस्लिम समुदायों के मताधिकार को प्रभावित कर उनके प्रतिनिधित्व को रोकने का प्रयास लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने कहा कि किसी एक राजनीतिक दल के भरोसे संविधान और स्वतंत्रता की रक्षा नहीं हो सकती। इसके लिए सत्याग्रह और जनआंदोलन जरूरी है। समाज के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और जागरूक नागरिकों को आवाजविहीन लोगों की आवाज बनना होगा।
केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने राजनीतिक मतभेद भुलाकर लोकतंत्र और बहुलतावाद की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
साहित्यकार कुं. वीरभद्रप्पा ने दक्षिण भारत पर उत्तर भारतीय विचार थोपने की कोशिश का आरोप लगाया। पत्रकार दिनेश अमीन मट्टू ने कहा कि सांप्रदायिकता फासीवाद का एक रूप है और उसके खिलाफ स्पष्ट वैचारिक संघर्ष जरूरी है।
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