बिना लाइसेंस तीन गोदामों में जमा था करोड़ों रुपए का दवा स्टॉक
आधी कीमत पर बिक्री और आरएमपी चिकित्सकों को आपूर्ति की जांच
बल्लारी। शहर में बिना लाइसेंस बड़े पैमाने पर दवाओं का भंडारण कर कथित तौर पर काले बाजार में आधी कीमत पर बेचने के मामले का औषधि नियंत्रण विभाग ने भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने करीब 84 लाख रुपए मूल्य की दवाएं जब्त की हैं। बरामद दवाओं का कुल संभावित मूल्य एक करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
तीन गोदामों में मिला दवाओं का बड़ा भंडार
शहर में ‘महावीर मेडिकल’ के नाम से कथित रूप से संचालित कारोबार से जुड़े करीब तीन गोदामों में बिना किसी वैध लाइसेंस के दवाएं जमा मिलीं। सहायक औषधि नियंत्रक मंजुला के नेतृत्व में अधिकारियों ने बुधवार सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक छापेमारी और जांच की। इस दौरान महेंद्र से जुड़े बताए जा रहे अनधिकृत स्टॉक केंद्रों को कब्जे में लिया गया।

आधी कीमत पर बिक्री का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दवाओं के भंडारण और बिक्री के लिए आवश्यक पंजीकरण अथवा लाइसेंस नहीं लिया गया था। विभिन्न कंपनियों की दवाओं के अलावा जेनेरिक दवाएं और नमूने भी बड़ी मात्रा में रखे गए थे। आरोप है कि दवाएं कम कीमत पर खरीदकर करीब आधी कीमत में बेची जाती थीं। इनकी आपूर्ति बल्लारी शहर के साथ आसपास के गांवों में भी किए जाने की आशंका है।
आरएमपी चिकित्सकों को आपूर्ति की भी जांच
अनधिकृत रूप से रखी दवाओं को आरएमपी चिकित्सकों समेत विभिन्न स्थानों पर नियमों के विरुद्ध आपूर्ति किए जाने के आरोपों की भी जांच हो रही है। अधिकारियों ने खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है।
कर चोरी की आशंका
बड़े पैमाने पर दवा कारोबार के बावजूद वैध पंजीकरण और लाइसेंस नहीं होने से कर चोरी की आशंका भी जताई गई है। जब्त दवाओं की गुणवत्ता, वैधता अवधि, स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने महेंद्र से जुड़े अनधिकृत स्टॉक केंद्रों को अपने कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, बल्लारी शहर में ऐसे अन्य अवैध दवा कारोबार की संभावनाओं को देखते हुए औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा आगे भी जांच किए जाने की संभावना है।
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