अब तकनीकी अड़चन दूर करने के निर्देशभंवर सिंह मीणा

25 साल से अधूरी मललूर लिफ्ट सिंचाई योजना

पहला चरण लगभग पूरा, फिर भी तालाब सूखे

अरसन नहर के पुनरुद्धार की खामियों की भी होगी जांच

चिक्कमगलूरु। करीब 25 साल पहले मंजूर हुई मललूर लिफ्ट सिंचाई योजना अब भी किसानों के खेतों और तालाबों तक पानी पहुंचाने में नाकाम है। योजना का पहला चरण अधिकांशत: पूरा होने के बावजूद पानी लक्ष्य तक नहीं पहुंच रहा है। तकनीकी खामियों और अरसन नहर के पुनरुद्धार में सामने आई समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी भंवर सिंह मीणा ने अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर समाधान के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी कार्यालय में किसान नेताओं के साथ हुई बैठक में किसानों ने कहा कि योजना पर भरोसा कर उन्होंने स्वेच्छा से जमीन दी थी, लेकिन वर्षों बाद भी सिंचाई का लाभ नहीं मिला। किसान नेता वाई.सी. सुनीलकुमार ने कहा कि बिरंजी होले क्षेत्र में उपलब्ध पानी के बावजूद पहले चरण का काम पूरा होने के बाद भी तालाबों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।

किसानों ने गलत सर्वे नंबर दर्ज किए जाने तथा अधिग्रहित जमीन से अलग स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का आरोप लगाते हुए तकनीकी खामियां दूर करने की मांग की।

जिलाधिकारी ने कहा कि कम बारिश के कारण किसान संकट में हैं और मललूर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने अरसन नहर का मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एवं तकनीकी समस्याओं की जांच तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सर्वे के लिए किसान प्रतिनिधियों को शामिल कर समिति गठित करने और योजना की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को तत्काल भेजने के निर्देश भी दिए गए।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *