सिर्फ 5.56 प्रतिशत लोगों ने किया स्व-डाटा पंजीकरण
कोप्पल. जिले में राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली है। अपने घर और परिवार से जुड़ी जानकारी स्वेच्छा से दर्ज करने के अवसर के बावजूद, जिले के लोगों ने इसमें खास रुचि नहीं दिखाई। 15 दिनों की अवधि में केवल 5.56 प्रतिशत लोगों ने ही अपना डाटा दर्ज कराया है।
पहले चरण में सीमित प्रतिक्रिया
देशभर में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, पारिवारिक और आवासीय जानकारी एकत्र करने का कार्य शुरू किया गया था। जिले में 1 से 15 अप्रेल तक पहले चरण में मोबाइल के माध्यम से स्वयं डाटा दर्ज करने की सुविधा दी गई थी।
जिले में अनुमानित 3,17,514 घर हैं, लेकिन 15 अप्रेल सुबह 10 बजे तक केवल 17,641 घरों ने ही पंजीकरण किया। राज्य स्तर पर कोप्पल जिला 10वें स्थान पर रहा, जबकि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है।
अन्य जिलों की स्थिति बेहतर
राज्य में बल्लारी (16.71 प्रतिशत) पहले स्थान पर रहा, जबकि दक्षिण कन्नड़ (15.56 प्रतिशत) दूसरे और बागलकोट (15.49 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा विजयनगर, तुमकूरु, चिक्कमगलूरु, हासन, उत्तर कन्नड़ और चित्रदुर्ग जिलों ने भी कोप्पल से बेहतर प्रदर्शन किया।
कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में बल्लारी पहले, विजयनगर चौथे और कोप्पल तीसरे स्थान पर है। वहीं बीदर, रायचूर, कलबुर्गी और यादगीर जैसे जिले इससे पीछे हैं।
अब घर-घर सर्वे शुरू
अतिरिक्त जिलाधिकारी सिद्रामेश्वर ने बताया कि स्व-पंजीकरण की समयसीमा समाप्त हो चुकी है। अब 16 अप्रेल से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है और प्रत्येक को कम से कम 150 घरों का सर्वे करना होगा।
जो लोग पहले ही स्वयं पंजीकरण कर चुके हैं, उन्हें गणनाकर्मियों के आने पर अपना एसई आईडी दिखाना होगा, जिससे सत्यापन किया जा सके।
बढ़ती गर्मी बनी चुनौती
जिले में लगातार बढ़ती गर्मी भी गणनाकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। इसके बावजूद प्रशासन ने सर्वे कार्य को गति देने की तैयारी कर ली है।
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